#MeToo कठुआ प्रोटेस्ट के हीरो पर लगा रेप का आरोप, जेएनयू छात्रा का साथ किया रेप
         Date: 20-Oct-2018


 
 
#MeToo कैपेंन की ताज़ा कड़ी में एक औऱ लेफ्ट एक्टिविस्ट पर रेपिस्ट होने का आरोप लगा है। कठुआ रेप केस में विरोध प्रदर्शनों के हीरो, सोशल एक्टिविस्ट पर जेएनयू की एक छात्रा ने रेप का आरोप लगाया है। फर्स्टपोस्ट ने एक प्राइमरी अकाउंट आर्टिकल प्रकाशित किय़ा है। जिसमें जेएनयू की छात्रा ने खुद आऱोप लगाया है कि जम्मू के इस एक्टिविस्ट ने इस साल 27 अप्रैल को दिल्ली में छात्रा का बेरहमी से रेप किया।
 
फर्स्टपोस्ट को दिये एक्सक्लूसिव आर्टिकल में पीड़िता ने नाम गुमनाम रखते हुआ लिखा कि किस तरह सोशल एक्टिविस्ट जेएनयू में कठुआ रेप केस के चलते ‘Anti Rape Crusader’ के तौर पर जाना जाता है। जेएनयू, एएमयू समेत कई बार कठुआ रेप केस औऱ गुज्जर-बक्करवाल समाज की सामाजिक हालात पर भाषण के लिए बुलाया जा रहा है।
 
आर्टिकल के मुताबिक आरोपी एक्टिविस्ट को 27 मार्च को जेएनयू में भाषण के लिए बुलाया गया था। पीड़िता जेएनयू छात्रा भी कार्यक्रम आयोजकों में से एक थी। जिसके बाद आरोपी ने पीडिता लगातार संपर्क बनाये रखा। जिसमें आरोपी हमेशा पर्सनल इश्यू पर बातचीत पर ज्यादा ज़ोर देता था। कई बार पीड़िता से निकाह के बारे में भी सवाल पूछता रहता था।
 
 

 
पीड़िता के तमाम इशारे तालिब हुसैन पर जाकर खत्म होते हैं। क्या आऱोपी तालिब हैं ? 
 
आर्टिकल के मुताबिक 27 अप्रैल को जेएनयू कैंपस में एबीवीपी द्वारा ‘In the name of Love’ की स्क्रीनिंग के विरोध में पीड़िता समेत काफी लेफ्ट विंग के छात्र पुलिस स्टेशन में विरोध दर्ज कराने पहुंचे हुए थे। पीडिता के मुताबिक उस समय आरोपी एक्टिविस्ट ने पीड़िता को 40 बार कॉल किया और जेएनयू कैंपस के गेट पर बुलाया। जहां आरोपी पीड़िता का इंतज़ार रहा था। जब पीड़िता आरोपी के पास पहुंची तो वो उसको लेकर बाटला हाउस की तंग गलियों में बने एक अपार्टमेंट में ले गया। जहां पर रेप विरोधी आंदोलनों के हीरो एक्टिविस्ट ने पीड़िता के साथ जबरदस्ती बलात्कार किया। पीड़िता के आर्टिकल के मुताबिक पीड़िता दर्द से चीखती रही, लेकिन वहशत में पागल एक्टिविस्ट ये कहते हुए रेप करता रहा कि वो उससे निकाह करेगा। पीड़िता के मुताबिक रेप के कई दिनों तक शारीरिक दर्द झेलना पड़ा।
 
रेप के बाद भी आरोपी ने पीड़िता से संपर्क बनाये रखा औऱ कहा कि अपनी गलती मानते हुए कहा कि वो उसको कोई शारीरिक नुक्सान नहीं पहुंचाना चाहता था।  
पीड़िता छात्रा पर इस एक्टिविस्ट का खौफ ऐसा है कि पीड़िता ने आरोपी का नाम उज़ागर नहीं किया। लेकिन ये साफ कि आरोपी पहले भी रेप के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है और फिलहाल बेल पर बाहर है। फर्स्टपोस्ट में छपे इस प्राइमरी अकाउंट आर्टिकल के बाद देशभर में सोशल मीडिया पर आरोपी की निशानदेही शुरू हो गई है।
 
 
 
 
 
 
 
 
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