कर्ज़ नहीं मिला तो 2-3 महीने में दिवालिया हो जायेगा पाकिस्तान, इमरान खान ने कबूला सच
         Date: 24-Oct-2018
 
 
 
पाकिस्तान की इकॉनोमी की हालत इस कदर बदतर हो चुकी है कि अगर पाकिस्तान को आईएमएफ या दोस्त देशों से कर्ज़ नहीं मिला तो अगले 2-3 महीनों में पाकिस्तान दिवालिया हो जायेगा। पाकिस्तान के पास इतना फॉरेन रिजर्व नहीं बचेगा कि वो दूसरे देश से सूई भी आयात कर सकें। ये सनसनीखेज़ खुलासा किया है खुद पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने। रियाद में Middle East Eye को दिये इंटरव्यू में पीएम इमरान खान पाकिस्तान की इकॉनोमी पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि- ‘’हम लोन लेने के पूरी तरह से बैचेन हैं। पाकिस्तान दोस्त मुल्कों के साथ आईएमएफ से भी बात कर रहा। ताकि फौरी राहत के लिए डॉलर मिल सके।’’
 
 



 
इमरान खान के बयान पर पाकिस्तान में मची खलबली
 
 
पाकिस्तान पीएम के इस बयान से पाकिस्तान के विदेशी मामलों के जानकारों में खलबली मच गई। क्योंकि जिस तरीके से अंतरराष्ट्रीय न्यूज एजेंसी के साथ इंटरव्यू में इमरान खान ने पाकिस्तान की माली हालत का कच्चा चिठ्ठा खोल दिया। इससे पूरी दुनिया में न्यूक्लिर पावर पाकिस्तान की छवि को बड़ा झटका लगेगा। इमरान खान की इस कूटनीतिक बेवकूफी को छिपाने के लिए पीएम के सलाहकार नईम-उल-हक ने ट्वीट कर सफाई दी कि ऐसा कोई इंटरव्यू हुआ ही नहीं। लेकिन उस ग्रप इंटरव्यू में मौजूद चैनल 4 की पत्रकार अमांडा कोकले ने ट्वीट कर कहा कि पीएम इमरान खान ने इंटरव्यू दिया। जिसका एक फोटो भी अमांडा ने जारी किया।
 
 
 
 
 
 
 
 
सऊदी अरब ने दिखायी रहम, बैंक में रखने को दिये 3 अरब डॉलर
 
 
एक महीने में इमरान खान के 2 दौरों के बाद पाकिस्तान की माली हालत पर तरस खाकर 3 अरब डॉलर देने की घोषणा कर दी है। लेकिन इस शर्त पर कि पाकिस्तान इस रकम को खर्च नहीं कर पायेगा। वो बस अपने रिजर्व बैंक में रखकर फॉरेन रिजर्व को बेहतर बनाये रखने में मदद करेगा। इसके साथ ही पाकिस्तान अगले एक साल में 3 अरब डॉलर का तेल सऊदी अरब से उधार ले सकता है। यानि इसकी कीमत पाकिस्तान को तुरंत चुकता नहीं करनी पड़ेगी।
 

 
 
सऊदी किंग सलमान के साथ इमरान खान 
 
 
सऊदी राहत के बाद भी बैंकरप्सी की कगार पर पाकिस्तान
 
 
सऊदी अरब से 3 अरब डॉलर की राहत के बाद पर पाकिस्तान को कोई फायदा नहीं होने वाला। क्योंकि पाकिस्तान अपनी इकॉनोमी को पटरी पर लाने के लिए फिलहाल कम से कम 15 अरब डॉलर की दरकार है। इसका एक बड़ा हिस्सा पाकिस्तान चीन समेत कई देशों के कर्ज़ का ब्याज चुकता करने में इस्तेमाल करेगा। और यहीं वो पेंच है जिसपर पर आईएमएफ ने पाकिस्तान को कर्ज़ ना देने की शर्त लगा रखी है। अमेरिका के दबाव में आईएमएफ ने शर्त रखी है कि दिया गया कर्ज चीन का ब्याज चुकता करने में खर्च न करें। ऐसे में पाकिस्तान बुरी तरह फंस चुका है। इसी ऊहापोह में पाकिस्तान के पीएम आईएमएफ से कर्ज लेने को लेकर बार-बार बयान बदलते रहते हैं।
 
 
 
रियाद में एक इंटरव्यू के दौरान इमरान खान 
 
 
पिछले हफ्ते ही इमरान खान ने कहा था कि वो आईएमएफ से कर्ज नहीं मांगेंगे। क्योंकि वो आईएमएफ की शर्त पूरी नहीं कर पा रहे थे। लेकिन रियाद में दिये इंटरव्यू में वो इमरान खान ने फिर कहा कि वो आईएमएफ से कर्ज की बात कर रहे हैं। साफ है पाकिस्तान एक ऐसे जाल में फंस चुका है। जिससे निकलना पाकिस्तान के लिए नामुमकिन लगता दिख रहा है।