शहीद इम्तियाज के दिल में बसा था, खुशहाल कश्मीर का ख्वाब, सलमान खान और मां-बाप का प्यार
         Date: 29-Oct-2018

 
कश्मीर घाटी में शहीद इम्तियाज़ अहमद मीर का ख्वाब बस इतना था, कि कश्मीर में फिर से वैसी ही खुशहाली हो, जैसी आतंकवाद से पहले थी। 90 के दशक से पहले जब घाटी में अमन था, चैन था, शांति थी। इसी ख्वाब को पूरा करने के लिए इम्तियाज ने 2010 में NIT श्रीनगर से पढ़ाई पूरी कर पुलिस ऑफिसर बना। सब-इंसपेक्टर के तौर पर इम्तियाज़ ने एक काबिल अफसर के तौर पर जाना जाने लगे। इसी काबिलियत को देखते हुए इम्तियाज़ का तबादला सीआईडी में कर दिया गया। लेकिन इम्तियाज़ की यहीं काबिलियत घाटी में सक्रिय आतंकवादियों को खतरा बनी हुई थी। इसीलिए इम्तियाज़ को कई बार जान से मारने की धमकी भी मिल चुकी थी।
 
 

 
 
 
 
सलमान का फैन इम्तियाज़
इम्तियाज़ को सलमान खान जबरदस्त फैन था, खासतौर पर उन मूवीज़ का जिसमें सलमान ने पुलिस ऑफिसर की दबंग भूमिका निभाई थी। इनमें उसकी सबसे फेवरेट थी, गर्व। एक देशभक्त पुलिस ऑफिसर की कहानी। इम्तियाज का मिज़ाज भी असल ज़िंदगी में कुछ ऐसा ही था.. देशभक्त दबंग पुलिस अफसर का।
 
 

 
 
 
मां-बाप का प्यार
 
देश के लिए ड्यूटी निभाने के चलते इम्तियाज़ को आतंकियों से खतरा था। हाल ही में हिज्बुल कमांडर रियाज नायकू ने कई कश्मीरी पुलिसवालों को निशाना बनाया था। जो सीनियर अफसरों ने इम्तियाज को भी सचेत रहने की हिदायत दी थी। लेकिन इम्तियाज को किसी का ड़र नहीं था। इसीलिए इम्तियाज़ 28 अक्टूबर को अपने मां-बाप से मिलने के लिए अपनी पर्सनल कार में कुलगाम से पुलवामा में स्थित सोनताबाग़ के लिए निकला। जाने से पहले सीनियर अफसर ने न जाने की हिदायत दी। लेकिन मां-बाप से मिलने की चाहत में वो अपने आप को रोक नहीं पाया। शेविंग की औऱ अपने सीनियर को कहा कि- ‘’अब वो (आतंकवादी) मुझे पहचान नहीं पायेंगे।‘’
 
लेकिन पुलवामा के वाहीबाग में घात लगाये बैठे आतंकियों ने इम्तियाज को अगवा कर उसकी हत्या कर दी। इम्तियाज़ की शहादत पर आज़ पूरा देश उसको श्रद्धांजलि दे रहा है, जिसने देश के लिए, कश्मीर घाटी के अमन-खुशहाली के लिए जान दे दी।
 


 
 
 
ताकि शहादत जाया न जाये
 
 
शहीद इम्तियाज ने अपना काम पूरा किया। सलमान खान की दबंग रोल के मानिंद जिंदगी जी। लेकिन इम्तियाज़ की ये शहादत खाली नहीं जायेगी। सुरक्षा बलों ने इम्तियाज के हत्यारों पर शिंकज़ा कसना शुरू कर दिया है। उम्मीद है जल्द ही जल्द ही इम्तियाज की शहादत का बदला ले लिया जायेगा।
 

 
शहीद इम्तियाज को अंतिम विदाई देते जम्मू कश्मीर पुलिस के साथी