जम्मू कश्मीर में भारी बर्फबारी जारी, टूरिस्ट खुश लेकिन किसानों पर भारी
         Date: 05-Nov-2018

 
 
जम्मू कश्मीर के इलाकों में बर्फबारी लगातार जारी है। जिसके चलते जनजीवन तरह से प्रभावित हुआ है। सड़कें बर्फ की सफेद चादर से ढकी पड़ी हैं, यातायात बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। 2009 के बाद कश्मीर घाटी में पहली बार 3 नवंबर को ही बर्फबारी शुरू हो गयी। जाहिर है प्रशासन औऱ लोग इसके लिए तैयार नहीं थे। मौसम विभाग का कहना है अलगे 48 घंटों कर बर्फबारी जारी रहेगी।
 
 
 
बिजली गायब
 
घाटी के ज्यादातर इलाकों में बिजली ठप्प हो गयी। लेकिन पिछले 2 दिनों में प्रशासन ने दावा किया है कि शहरी इलाकों में 90 फीसद औऱ ग्रामीण इलाकों में 70 फीसद इलाकों में बिजली बहाल कर दी गयी है। हालांकि बिजली गुल होने की शिकायतें अभी भी आ रही हैं। ऐसे में गवर्नर ने घाटी के डिविजनल कमिश्नर बशीर खान ने कोताही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के आदेश दिये हैं।
 
 

 
 
 
सेब की फसल बर्बाद
 
 
बेमौसम बर्फबारी का दूसरा सबसे बड़ा असर सेब की फसल पर पड़ा है। कश्मीर घाटी में ज्यादातर सेब की पकी-पकायी फसल भारी बर्फबारी के चलते तबाह हो गयी है। बर्फ के बोझ के चलते सेब के पेड़ टूटकर तबाह हो गये हैं। शोपियां जिले में सेब की सबसे ज्यादा हार्वेसटिंग होती है। पिछले 5 सालों में दिसंबर से पहले बर्फबारी नहीं हुई थी, लिहाजा इत्मीनान से बैठे थे। लेकिन अचानक बर्फबारी ने सबकुछ तबाह कर दिया। स्टेट में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना न लागू होने के चलते भी नुक्सान की भरपायी नहीं हो पायेगी। हालांकि गवर्नर सत्यपाल सिंह ने किसानों को मुवाअजा देने की बात कही है।
 
 
 
 
 
 
 
सड़क और हवाई यातायात बंद
 
 
बर्फबारी से घाटी में यातायात पूरी तरह ठप्प हो गया है। पिछले 60 घंटों से सड़कों पर यातायात बंद है। जम्मू-श्रीनगर नैशनल हाईवे भी ठप्प हो गया है। बल्कि रास्तों में फंसे लोगों को निकालने की चुनौती प्रशासन के सामने खड़ी हो गयी है। जम्मू औऱ कश्मीर के बीच गेचवे का काम करने वाली जवाहर टनल में फंसे 500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाय़ा गया है।
उधर श्रीनगर एयरपोर्ट पर भी आधी से ज्यादा फ्लाईट रद्द कर दी गयी हैं। जो चल रही हैं, वो काफी लेट चल रही हैं। ऐसे में काफी लोग श्रीनगर में फंस गये हैं।
 
 
टूरिस्ट खुश
 
 
हालांकि बेमौसम बर्फबारी से टूरिज्म से जुड़े लोग औऱ टूरिस्ट बहुत खुश हैं। सोनमर्ग औऱ गुलमर्ग पूरी तरह से बर्फ की चादर से लिपट गया है। जहां टूरिस्टों का तांता लगना शूरू कर दिया है।