पीएम मोदी ने की जम्‍मू-कश्‍मीर के नए सरपंचों से मुलाक़ात,गाँवों को विकसित करने का भरोसा दिया
         Date: 20-Dec-2018
 
जम्‍मू-कश्‍मीर की पंचायतों के 48 नव-निर्वाचित सरपंचों ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राज्य के विकास के लिए उनसे सहायता मांगी। सरपंचों के शिष्‍टमंडल का नेतृत्‍व ऑल जम्‍मू एडं कश्‍मीर पंचायत कांफ्रेंस (एजेकेपीसी) के अध्‍यक्ष शफीक मीर ने किया। यह कांफ्रेंस राज्य के पंचायत नेताओं का शीर्ष निकाय है। शिष्टमंडल ने प्रधानमंत्री से भेंट करके लोकल बॉडीज जैसे पंचायतों और शहरी निकायों को मजबूत बनाने और राज्य में शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव संपन्न करवाने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। प्रधानमंत्री ने नव-निर्वाचित प्रतिनिधियों को शुभकामनाएं दी। उन्‍होंने सरपंचों से आग्रह किया कि वे लोगों के कल्‍याण और उत्‍थान के लिए प्रयास करें। प्रधानमंत्री ने शिष्‍टमंडल को आश्‍वासन दिया कि वह और उनकी सरकार जनता को अधिकार संपन्‍न बनाने के प्रति संकल्‍पबद्ध है तथा वह जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए, राज्‍य के कल्‍याण हेतु स्‍थानीय सरकार के प्रतिनिधियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगी।
 
मोदी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि पंचायती राज मॉडल को सफल बनाने और लोगों की बुनियादी जरूरतों और तकलीफों के प्रति जल्‍द हरकत में आने के लिए सरकार उनको पूर्ण समर्थन देगी। उन्‍होंने कहा कि जम्‍मू-कश्‍मीर को हिंसा के मार्ग से हटाने तथा स्‍थानीय जनता के अधिकारों और राज्य का विकास सुनिश्चित करने के लिए आधारभूत संस्‍थाओं का सशक्तिकरण महत्‍वपूर्ण कदम है। यहां गौर करने लायक बात ये है की धारा 370 के चलते राज्य में अभी तक पंचायती राज से सम्बंधित संविधान का 73वां संशोधन और शहरी निकायों से जुड़ा 74वां संशोधन लागू नहीं किया गया है। इसके बावजूद केंद्र सरकार वित्तीय सहायता की मदद से राज्य में ग्राम पंचायतों को मज़बूत करने में जुटी है। इसके लिए हाल ही में ग्राम पंचायतों के लिए करीब 1600 करोड़ रूपए की धनराशि केंद्र ने मंज़ूर की है।
 
 
 
एजेकेपीसी अध्यक्ष मीर ने कहा कि लोगों ने इन चुनावों में बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया, जो यह दर्शाता है कि उनका लोकतंत्र में अगाध विश्वास है। गौरतलब है कि चुनाव आयोग के अनुसार नौ चरणों में हुये इन स्थानीय निकाय के चुनावों में 74 फीसदी मतदान हुआ था। जबकि मुख्य विपक्षी दलों पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी और नेशनल कांफ्रेंस ने इसमें हिस्सा नहीं लिया था।
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