क्यों हत्या की आतंकियों ने कॉन्स्टेबल जावेद अहमद डार की
         Date: 27-Sep-2018

 
 
जम्मू कश्मीर पुलिस के कॉन्स्टेबल जावेद अहमद डार की कहानी जानकर आपका सीना गर्व से चैड़ा हो जाएगा। जावेद भारत माँ का वो बेटा था जो घाटी में बैठे देश के दुश्मनों का काल था। अपने देश के लिए जावेद की देश भक्ति ही उसकी शहादत का कारण बनी।
 
जावेद शोपिया जिले के रहने वाले थे। वो अपनी शिक्षा पूरी करते ही पुलिस में बतौर कॉन्स्टेबल भर्ती हुए। जावेद एस एस पी शैलेंद्र मिश्रा के पर्सनल सिक्युरिटी गार्ड थे और उन्होंने एस एस पी शैलेंद्र मिश्रा के साथ मिलकर कई सफल आतंकी ऑपरेशन को अंजाम दिया था। इसलिए जावेद आतंकियों की आँखों में खटकने लगे थे। जिसका बदला लेने के लिए आतंकियों ने जावेद को अगवा कर लिया।
 
जावेद की पोस्टिंग श्रीनगर में थी पर वो अपनी बीमार माँ से मिलने अपने गांव आए थे। 6 जुलाई की रात डयूटी से लौटने के बाद जावेद रात के 8% 30 बजे के आस पास अपनी मां लिए दवा लाने पास ही के कचदुरा के एक मेडिकल स्टोर जा रहे थे तभी कुछ हथिया बंद आतंकवादियों ने हथियार के बल पर उन्हें अगवा कर लिया और अगली सुबह कुलगाम में गोलियों से छन्नी उनका शव मिला। आतंकियों ने जावेद को शोपिया जिले से अगवा किया था, आपको बता दे कि ये वही इलाका है जहां से करीब एक महीने पहले आतंकियों ने सेना के जवान राईफल मैन औरंगजेब को अगवा कर उसे गोली मार दी थी।
 

 
 
जावेद कश्मीर के उन युवाओं में से एक थे जो देश की मुख्य धारा का हिस्सा है और यही बात आतंकियों को अच्छी नहीं लगी। दरअसल घाटी में पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे आतंकवाद का सबसे बड़ा दुश्मन जम्मू कश्मीर पुलिस ही है जो घाटी में छुपे इन आतंकवादियों का चुन चुन कर सफाया कर रही है।
आतंक के खिलाफ इस लड़ाई में 1990 से लेकर अब तक लगभग 1]6]55 जम्मू कश्मीर पुलिस के जवान शहीद हो चुके हैं। घाटी में आतंकवाद के सफाये से ये आतंकी पूरी तरह से घबराये हुए हैं और वो घाटी में अपने डर को बनाये रखने के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस के जवानों को अपना निशाना बना रहे हैं पर जम्मू कश्मीर पुलिस के ये जांबाज सिपाही आतंकियों की इन कायराना हरकत से डरने वाले नहीं हैं।