आतंक के गढ़ में तंगहाल कश्मीरियों ने फाड़े हिज्बुल के धमकी भरे प्रोपेगैंडा पोस्टर, पाकिस्तानी पिछलग्गूओं को दिखायी औकात
         Date: 10-Jan-2019
 
 
घाटी में आतंक के गढ़ साउथ कश्मीर के इलाके में आतंकवाद से तंगहाल लोगों ने आतंकियों से निपटना शुरू कर दिया है। साउथ कश्मीर के कई इलाकों में नौजवानों ने हिज्बुल मुजाहिदीन द्वारा चिपकाये गये धमकी भरे पोस्टर्स को फाड़ डाला है। दरअसल शोपियां, अनंतनाग कोकरनाग इलाकों में हिज्बुल मुजाहिदीन ने नये पोस्टर्स लगाये थे, जिसमें आतंकियों ने पंचायत चुनाव लड़ने वाले कश्मीरियों को मौकापरस्त बताते हुए धमकी दी थी। साथ ही परिवार वालों और टीचर्स को धमकी दी थी कि आने वाली 26 जनवरी को किसी तरह का कोई प्रोग्राम न मनायें और न ही किसी प्रोग्राम में बच्चों को शामिल न करें। यहां गौर करने वाली बात ये है कि ये इलाके पाकिस्तान परस्त आतंकी संगठनों के मजबूत गढ़ माने जाते हैं। लेकिन आतंक से परेशान लोगों ने आखिरकार आतंक का मुकाबला करना शुरू कर दिया है। पोस्टर फाड़ने का न सिर्फ पिक्टर्स खिंची गयी, बल्कि उनको सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया गया। ताकि पाकिस्तान औऱ उनके आतंकियों तक सीधा संदेश पहुंच पाये।
 

 
 
 
गौरतलब है कि बीते गुरुवार को पुलवामा के खासीपोरा में एक सरपंच के भाई की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। चूंकि उन्होंने पंचायत चुनाव में हिस्सा लिया था। इसके बाद स्थानीय मुस्लिमों लोगों ने आतंकियों की परवाह किये बगैर पीड़ित सिख परिवार की मदद की और उनके घर सांत्वना देने वालों का तांता लग गया। पंचायत चुनाव के दौरान भी पाकिस्तान की शह पर आतंकियों ने चुनावों को फ्ल़ॉप करने की कोशिश की थी। चुनाव में शामिल लोगों को मारने तक की धमकी दी गयी, लेकिन लोगों ने न सिर्फ चुनावों में हिस्सा लिया, बल्कि उनको कामयाब भी बनाया। 
 
 
ये आतंकियो के खिलाफ लोकल कश्मीरियों का ही हाथ है कि पिछले साल मारे गये 257 आतंकियों के ठिकानों की सूचना लोकल कश्मीरियों ने ही दी थी। जोकि लगातार आतंक से परेशान हैं। अब पोस्टर प्रोपेगैंडा के खिलाफ आवाज उठाकर कश्मीरियों ने जंग का ऐलान कर दिया है।
 
हिज्बुल आतंकियों द्वारा चिपकाये गये पोस्टर्स