कश्मीर में आतंकियों का असली हमदर्द कौन, इसको लेकर आपस मे भिड़े महबूबा और उमर अब्दुल्ला
         Date: 04-Jan-2019
 
 
 
कुछ ही दिन पहले की ही बात है जब महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला मिलकर सरकार बनाने की कोशिश कर रहे थे, जब राज्यपाल ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया तो दोनों ट्विटर पर एक दूसरे के ट्वीट पर लाइक और विंक स्माइली के साथ रिप्लाई कर रहे थे। सबको लगा दोनों के बीच नयी राजनीतिक खिचड़ी पक रही है। लेकिन राजनीति जल्द ही सबका चेहरा उजागर कर देती है। पिछले चौबीस घंटों से महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला एक बार फिर आमने-सामने हैं, वो भी ट्विटर पर। दोनों ये साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि कश्मीर घाटी में मारे गये आतंकी के असली हमदर्द वो हैं। दरअसल पिछले एक हफ्ते में महबूबा मुफ्ती ने शोपियां और पुलवामा में हाल ही में मारे गये आतंकियों के घरवालों को दिलासा देने पहुंची, मीडिया में गवर्नर और पुलिस पर आतंकियों के घरवालों को परेशान करने का आरोप भी लगाया। इस पर घाटी की दूसरी दावेदार नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला को लगा कि कहीं महबूबा मुफ्ती हार्डलाइनर्स के वोट्स न लूट लें जाये। तो उमर अब्दुल्ला ने तुरंत ट्वीट कर महबूबा मुफ्ती को आतंकियों को मारने का कर्ता-धर्ता बताया और कहा कि अब वो वोट की आड़ में सहानुभूति लेने आई हैं।
 

 
 
महबूबा मुफ्ती ने भी उमर अब्दुल्ला के ट्वीट का तुरंत जवाब दिया और विपक्ष के नेता के तौर पर उमर अब्दुल्ला की ड्यूटी याद दिलायी।
 

 
 
 महबूबा और उमर अब्दुल्ला के बीच ट्विटर वॉर
  

 
महबूबा के इस ट्वीट के बाद उमर अब्दुल्ला ने फिर एक ट्वीट कर जवाब देते हुए कहा कि वो उन जैसे नहीं है कि जब विपक्ष में हो तो वोट के लिए लोगों की भावनाओं का शोषण करें औऱ जब सत्ता में आयें तो भूल जायें।
 
 
 
ट्विटर पर दोनों की वॉर चल ही रही थी, कि घाटी के तीसरे दावेदार पीपल्स काँफ्रेंस के सज्जाद लोन ने महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला को दोनों ही लपेट लिया।
 

 
बहरहाल जैसे जैसे चुनाव नजदीक आयेंगे। घाटी में नेता रंग बदलते दिखायी देंगे। ये ट्विटर वॉर उसी का नतीजा भर है।