पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में जब सेना PTI के नेताओं की 'उठा' रही थी , एक स्कूल की इमारत ढहने से 35 लोगों की मौत हो गई. लेकिन ऐसा पहली बार नहीं है.

    16-Oct-2026
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पाकिस्तानी सेना और कठपुतली सरकार जब खैबर पख्तूख्वा में तख्तापलट के बाद इमरान की पार्टी के नेताओं की धरपकड़ में लगी थी, वहां एक स्कूल की इमारत ढहने से एक महिला टीचर समेत 35 छात्रों की मौत हो गई.



पूरा घटनाक्रम 15 अक्टूबर का है. पेशावर के डिर कॉलोनी इलाके में सुबह करीब 8 बजकर 45 मिनट पर स्कूल की इमारत भरभराकर गिर गई. रिपोर्ट्स के मुताबिक पहले इमारत की ऊपरी मंजिल की छत गिरी, जिसके कारण नीचे के कमरों की भी छतें भी ढह गईं. हादसे में 45 से ज्यादा बच्चे घायल बताये जा रहे हैं.



जिस समय ये हादसा हुआ, उस समय स्कूल में कक्षाएं चल रही थीं. और करीब 110 विद्यार्थी मौजदू थे.



पुलिस के मुताबिक, कमजोर ढांचे पर छत का अतिरिक्त भार पड़ने की वजह से हादसा हुआ है.



हादसे का बाद इलाके में मातम का माहौल है. लेकिन क्या अपने बच्चों को खो चुके माता-पिताओं की चीखें मुनीर-शहबाज के कानों तक पहुंच रही हैं? नहीं. क्योंकि अगर ऐसा होता, तो शायद खैबर पख्तूनख्वा को ये दिन देखना ही नहीं पड़ता. इससे पहले भी पाकिस्तान इस तरह के कई हादसे देख चुका है... जैसे



30 जून 2026 को लाहौर में एक ट्यूशन सेंटर की छत गिरने से 14 बच्चों की मौत



7 मई 2026 को डेरा गाजी खान में एक स्कूल छत गिरने से चार बच्चों की मौत



1 सितंबर 2026 को कराची में ओरंगी टाउन में स्कूल की दीवार गिरने से पांच लोगों की मौत



26 सितंबर 2024 को मुजफ्फरगढ़ में स्कूल की छत गिरने से एक छात्र की मौत




बात करें, इस तरह के हादसों के प्रमुख कारण की, तो वो इमारतों का कमजोर होना नहीं, बल्कि कम बजट और सरकारी अनदेखी हैं. एक रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान अपनी GDP का एक प्रतिशत से भी कम शिक्षा पर खर्च करता है. यूनिसेफ की नवंबर 2022 की एक रिपोर्ट बताती है कि बारिश और बाढ़ के चलते पाकिस्तान के 27 हजार स्कूल क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गए थे. इससे दो मिलियन यानी 20 लाख से ज्यादा बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई थी. पाकिस्तान में समय-समय पर जर्जर स्कूल इमारतों का मुद्दा उठता रहा है.




साल 2017 में पंजाब विधानसभा में 2000 जर्जर स्कूल इमारतों का मुद्दा उठा.



साल 2025 में रावलपिंडी में 79 स्कूल इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया.



फरवरी 2026 में लाहौर में 133 स्कूल इमारतों को खतरनाक घोषित किया.



जुलाई 2026 में पंजाब में 167 स्कूल इमारतों को असुरक्षित घोषित किया



पेशावर हादसे के बाद यूनिसेफ ने पाकिस्तान में सभी सरकारी और निजी स्कूलों में भवन सुरक्षा मानकों की जांच की मांग की है. लेकिन बड़ा सवाल है कि बहावलपुर में मरकज ए सुभानअल्लाह जैसे आतंक के मरकज बनाने में व्यस्त पाकिस्तानी हुकूमत के पास अपने बच्चों के लिए स्कूल बनवाने का समय, पैसा और इच्छाशक्ति है ?


जम्मू कश्मीर नाऊ