#370 हटाने के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को जवाब दाखिल करने के लिए दिया 4 हफ्ते का समय, अगली सुनवाई 14 नवंबर को
    01-अक्तूबर-2019

 
आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निरस्त करने और राज्य के पुनर्गठन के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने मंगलवार को सुनवाई शुरू कर दी। जिसमें सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 4 हफ्तों का समय दिया है। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने याचिकाओं का जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था। जिसको मांग के मानते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 14 नवंबर को तय की है।
 
इसके अलावा केंद्र ने कश्मीर टाइम्स की एग्जीक्यूटिव एडिटर अनुराधा भसीन की पत्रकारों के लिए लगायी गयी पाबंदियों वाली याचिका पर काउंटर एफिडेविट फाइल किया। साथ ही सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि जम्मू कश्मीर में दिन के समय आवाजाही या ट्रैफिक मूवमेंट से संबंधी कोई पाबंदी नहीं है। तुषार मेहता ने कहा कि अगले दो हफ्तों में केंद्र पाबंदियों पर एफिडेविट फाइल कर देगा।
 
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने सीपीआईएम लीडर सीताराम येचुरी की मोहम्मद युसूफ तारिगामी को हिरासत में लिये जाने से संबंधी याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने सलाह दी है कि ये मामला जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट में सुना जाना चाहिए।
 
जम्मू कश्मीर के अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों में हाई-स्पीड इंटरनेट, टेलीफोन और मोबाइल सुविधा तत्काल बहाल करने वाली याचिका पर भी सुप्रीम कोर्ट ने सलाह दी कि इस मामले में भी जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की जाये।