दीपावली पर पाकिस्तान समर्थकों को लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के सामने प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं, भारत के समर्थन में ब्रिटिश सरकार
   26-अक्तूबर-2019
 
 
 
पाकिस्तान समर्थकों को लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर दीपावली के दिन प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं मिली है। दरअसल पाकिस्तानी समर्थकों ने लंदन प्रशासन से दीपावली के दिन भारतीय उच्चायोग के बाहर विरोध मार्च निकालने की इजाजत मांगी थी। लेकिन लंदन प्रशासन ने इसकी इजाजत नहीं दी है। लंदन प्रशासन द्वारा इजाजत नहीं मिलने के बाद पाकिस्तान समर्थक निराश है। पाकिस्तानी समर्थक प्रोपेगैंडा फैलाने के लिये दीपावली के दिन भारतीय उच्चायोग के बाहर डिजिटल वैन के माध्यम से विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी में है। हालांकि ब्रिटिश सरकार लगातार भारत के पक्ष में फैसला ले रही है और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।
 
 
लंदन के मेयर सादिक खान ने शुक्रवार को लेबर काउंसलर और लंदन असेंबली के सदस्य नवीन शाह को एक पत्र लिखकर कहा कि भारतीय उच्चायोग को प्रदर्शनकारियों से बचाने के लिये पुलिस सुरक्षा का सख्त इंतजाम है। हालांकि सादिक खान मूलरूप से पाकिस्तान के निवासी है, लेकिन फिर भी वो पाकिस्तान द्वारा झूठ फैलाने वाले प्रोपेगैंडा का हिस्सा नहीं बनते है। उन्होंने कई बार पाकिस्तान की हरकतों की कड़ी निंदा की है।
सादिक खान ने पत्र में लिखा था कि पुलिस ने मुझे आश्वस्त किया है कि भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये पुलिस ने एक मजबूत योजना बनायी है। किसी भी तरह की दिक्कत आने पर पुलिस तुरंत प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगी।
 
 
टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार से बात करते हुये एक प्रदर्शनकारी फहीम कयानी ने बताया कि बहुत प्रयास करने के बाद भी लंदन प्रशासन ने हमें प्रदर्शन की इजाजत नहीं दी है, इसलिये हम एक वैकल्पिक विरोध की योजना के तहत डिजिटल वैन विरोध प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा डिजिटल विरोध प्रदर्शन के तहत हम एक वैन पर कुछ डिजिटल पोस्टर लगाकर उसे भारतीय उच्चायोग के आस-पास घुमायेंगे। वैन के साथ करीब 10 लोगों की टीम होगी, जो फोटो क्लिक करेंगी। बता दें कि यह सभी लोग पाकिस्तान के कहने पर प्रोपेगैंडा फैला रहे है।
 
 
भारत विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि लंदन के भारतीय उच्चयोग के बाहर पाकिस्तान प्रायोजित प्रदर्शनकारी अभी तक दो बार प्रदर्शन किया है। जिसके कारण भारतीय उच्चायोग के कामकाज में बाधा उत्पन्न हुयी है। उन्होंने कहा हमने ब्रिटिश सरकार के सामने भारत का पक्ष रखा है। हालांकि इस बार ब्रिटिश सरकार ने प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं दी है।