कांग्रेस का हाथ अलगाववादियों के साथ, मेनिफेस्टो- AFSPA में करेंगे बदलाव, घाटी से हटायेंगे सेंट्रल फोर्स, धारा 370 में बदलाव नहीं होने देंगे और सिर्फ बातचीत से निकालेंगे आतंक का हल
   02-अप्रैल-2019
 
 
कांग्रेस ने 2019 चुनाव को लेकर अपना मेनिफेस्टो जारी कर दिया है। स्वाभिमान कैटेगरी में रखते हुए जम्मू कश्मीर को लेकर कांग्रेस ने जो मेनिफेस्टो तैयार किया है, वो ऐसा लगता है किसी अलगाववादी पार्टी का मेनिफेस्टो हो, क्योंकि इसमें सिर्फ वो बातें शामिल है जिसकी मांग सालों से अलगाववादी करते आयें हैं। कांग्रेस का मेनिफेस्टो न सिर्फ वो तमाम मांगे अपने मेनिफेस्टो में शामिल की हैं, बल्कि कश्मीरी पंडित, इस्लामी आतंकवाद और पाकिस्तान परस्त अलगाववाद पर एक शब्द भी मेनिफेस्टो में डाला है।
 
 
 
धारा 370 नहीं हटने देंगे
 
 
पुलवामा हमले के बाद देश में धारा 370 को हटाने का माहौल फिर से बनना शुरू हुआ था। बीजेपी ने भी धारा 370 को हटाने के संकेत देने शुरू कर दिये थे। लेकिन कांग्रेस ने मेनिफेस्टों मे साफतौर पर कहा कि चूंकि जम्मू कश्मीर ने विशेष परिस्थितियों में देश में अधिमिलन किया था, जिसके नतीजे में 370 शामिल किया था। लिहाजा कांग्रेस मौजूदा संविधान में कोई बदलाव नहीं होने देगी। यानि धारा 370 को नहीं हटाया जायेगा।
 

 
 
 
AFSPA में करेंगे बदलाव
 
 
कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर में AFSPA यानि The Armed Forces (Special Powers) Act और The Disturbed Area Act में बदलाव करने का वायदा किया है। ये वो मुद्दा है जिसकी मांग अलगाववादी संगठन सालों से करते आ रहे हैं। हुर्रियत की मांग को कांग्रेस ने बिना किसी न नुकूर के सीधे मेनिफेस्टो में जगह दी है। जाहिर है इससे पाकिस्तान परस्त आतंकियों को बढावा मिलेगा और आतंक के साये में लड़ रहे इंडियन फोर्सेस के जवानों का मनोबल कमजोर होगा।
 
 



 
 
कश्मीर घाटी से हटायेंगे सेंट्रल फोर्सेस
 
 
कांग्रेस ने अलगाववादियों की एक और बड़ी मांग को मेनिफेस्टो में जगह दी है, कांग्रेस ने वायदा किया है कि सत्ता में आने के बाद वो घाटी में तैनात आर्मी और सीआऱपीएफ-सीआईएसएफ जैसी तमाम सेंट्रल फोर्सेस की तैनाती कम करेगी और कश्मीर घाटी के लॉ-आर्डर को जम्मू कश्मीर के हवाले किया जायेगा।
 
 
 
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बातचीत से निकालेंगे कश्मीर का हल
 
 
पिछले कुछ महीनों में भारत सरकार ने अलगाववादियों की कमर तोड़ कर रख है। जमात-ए-इस्लामी और जेकेएलएफ पर बैन लगाकर अलगाववादियों को घुटनों पर ला खड़ा किया है। दूसरी तरफ पिछले साल सुरक्षाबलों ने रिकॉर्ड 254 आतंकियों को मार गिराया था। घाटी में आतंकियों की रीढ़ तोड़ दी गयी है। लेकिन कांग्रेस ने मेनिफेस्टो में वायदा किया है कि सिर्फ बातचीत से कश्मीर का हल निकालेगी। बातचीत के लिए कांग्रेस ने 3 इंटरलोक्यूटर नामित करने की घोषणा की है। जोकि आतंकियों और अलगाववादियों से बात करेगी।
 
 
 
 
कश्मीरी-पंडित और पाकिस्तानी आतंकवाद पर चुप्पी
 
 
हैरानी की बात है कि कांग्रेस ने अपने मेनिफेस्टों में देश भर में पढ़ने वाले कश्मीरी छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का वायदा तो किया है। लेकिन तीन दशकों के विस्थापित कश्मीरी पंडितों पर कांग्रेस ने एक शब्द तक नहीं बोला। न ही काग्रेंस ने घाटी में पाकिस्तान आतंकवाद को लेकर कुछ बोला। जाहिर इन तमाम बातों की सिरे से उपेक्षा करना भी अलगाववादियों का ही एजेंडा है। जिसका कांग्रेस ने खासा ख्याल रखा है।
कांग्रेस ने जम्मू कश्मीर को लेकर अपने घाटी केंद्रित और अलगाववाद प्रेरित वायदों की घोषणा कर दी है। अब तय देश की जनता को करना है कि वो क्या जवाब देती है।
 
 
 कांग्रेस मेनिफेस्टो-