Shocking: पाकिस्तान में ढहाया ऐतिहासिक गुरू नानक महल, सरकार की शह पर लोकल गुंडों ने बेचे महल के कीमती दरवाजे-खिड़कियां
   28-मई-2019
 
 
पाकिस्तानी पीएम इमरान खान एक तरफ सिखों के लिए बड़े-बड़े वायदे करते हैं, करतारपुर साहिब कॉरिडोर बनाने के बहाने सिखों को भारत के खिलाफ उकसाने का काम करते हैं। दूसरी तरफ पाकिस्तान के पंजाब सूबे में सदियों पुराने ऐतिहासिक गुरू नानक महल को ढहा दिया जाता है और सरकार चूं तक नहीं करती। ये साफ जाहिर करता है कि पाकिस्तान में सिखों की विरासत का किन मायनों में ख्याल रखा जाता है। दरअसल पिछले हफ्ते ही पंजाब के नोरोवाल जिले में सिखों को प्रथम गुरू गुरू नानक के नाम पर एक ऐतिहासिक महल को न सिर्फ तोड़-फोड़ कर ढहा दिया गया, बल्कि सरकारी महकमे की मिली भगत से लोकल गुंड़ों ने इस महल के कीमती दरवाजे, खिड़कियां, छत की कड़ियां भी बेच डाली।
 
 
 
 
लाहौर शहर से करीब 100 किमी दूर बाथनवाला गांव में गुरू नानक महल कई सौ साल पुराना था। बताया जाता है कि आजादी से पहले करीब 10 हजार वर्ग फीट की जमीन पर बनी इस इमारत में बेसमेंट समेत 3 मंजिल थी। जिसमें करीब 120 कमरें बने हुए थे। इसको स्थानीय लोग, महलां या गुरू नानक दा महल के नाम से जानते थे। जिसकी दीवारों पर गुरू नानक देव समेत कई हिंदू राजाओं-महाराजाओं की तस्वीरें थी। बंटवारें के बाद इस इमारत के रिहायशी सिखों ने जब इसको खाली कर दिया तो सरकारी महकमें की शह पर इसमें कुछ गुज्जर मुस्लिम के एक लोकल गुंडे ने कब्जा कर लिया। फिलहाल ये इमारत इसी परिवार के रांझा और पन्नू नामक शख्स के कब्जें में थी। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक इस इमारत के देखते ने लिए भारत-कनाड़ा समेत कई देंशों से सिख सैलानी इस गांव आया करते थे। लेकिन पाकिस्तान सरकार ने कभी इस पर ध्यान नहीं दिया और न ही गुड़ों का कब्जा वहां से हटवाया। यहां तक कि डिप्टी कमिश्नर ने जब जांच करवाई तो रेवेन्यू डिपार्टमेंट में इस इमारत का कोई रिकॉर्ड तक नहीं था। लोकल एडमिनिस्ट्रेशन ने इस इमारत को Evacuee Trust Property Board (ETPB) को सौंपने की कार्रवाई शुरू कर दी है।