J&K बैंक की जांच में लगातार घोटाले और गड़बड़छाले सामने आ रहे हैं, देखिए पूर्व चेयरमैन के कुछ कारनामों की लिस्ट
    11-जून-2019

 
 
 
जम्मू कश्मीर बैंक के चेयरमैन परवेज अहमद को उसके पद से हटाने के बाद भ्रष्टाचार के मामलो के बारे में जैसे –जैसे खुलासे होते जा रहे है, उससे जम्मू कश्मीर बैंक में हडकंप मचा हुआ है। एक के बाद एक भाई भतीजावाद, पक्षपातपूर्ण चयन और भ्रष्ट आचरण के मामले सामने आ रहे है। गृह मंत्रालय की तरफ से एक के बाद ऐसे सिग्नल दिए जा रहे थे कि राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार, टेरर फंडिंग और मनी लांड्रिंग के खिलाफ सख्त कदम उठाये जाएंगे। इसी निरंतरता में राज्य में कुछ माह पूर्व एंटी करप्शन ब्यूरो का गठन किया गया था। जम्मू कश्मीर के बैंक के चेयरमैन परवेज़ अहमद को हटाये जाने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो बैंक से जुडी निम्नलिखित अनियमितताओ की जांच कर रहा है:-
 
1. जम्मू कश्मीर बैंक के चेयरमैन परवेज़ अहमद का मात्र 15 वर्षो में दागदार छवि के बावजूद चार्टेड अकाउन्टटेंट से बैंक के चेयरमैन के पद पर पहुंचना।
 
2. परवेज अहमद का अपने परिवार के लोगो का बैंक में चयन। परवेज़ अहमद के चेयरमैन बनने के बाद उसके भतीजे की मुजफ्फर की पोस्टिंग उसी के आफिस में की गयी। परवेज अहमद के बेटे की पत्नी शाजिया अम्बरीन का बैंक पीओ के रूप में चयन। वर्तमान में शाजिया बैंक की हज़रत बल ब्रांच का संचालन कर रही हैं।
 
3. पुलवामा ( वुयान शाखा) और शोपियां (कपरिन) में बैंक की दो शाखाए परवेज़ अहमद और उनके रिश्तेदारों की निजी सम्पत्तियों में खोली गयी थी। जबकि दोनों ही जगहें बैंक शाखा खोलने की दृष्टी से अनुकूल नहीं थी।
 
4. जम्मू कश्मीर में “ कश्मीर लाइफ “ को 10 लाख और तीस लाख के विज्ञापन देना।
 
5. परवेज़ अहमद की बहन का बेटा “ इफ्फको टोकियो “ में काम करता है। हाल ही में जम्मू कश्मीर बैंक ने “ इफ्फको टोकियो “ के साथ एक इंश्योंरेंस डील की है।
 
6. पूर्व मंत्री फारूख अंद्राबी का बेटा शमसुद्दीन अंद्राबी जो केवल बाहरवीं पास है, को सीधे बैंक मैनेजर के पद पर बिठा दिया वर्तमान में वो भद्रवाह में कार्यरत है।
 
7. रॉयल स्प्रिंग गोल्फ के सौन्द्रीयकरण के लिए 8 करोड़ कॉर्पोरेट सोशल रेस्पोंसिबिलिटी के नाम पर दिए गए। जबकि यह सर्वविदित है कि रॉयल स्प्रिंग गोल्फ केवल समाज के एलिट वर्ग के लिए है और इसका श्रीनगर की आम जनता का कोई लाभ नहीं है।
 
8. गाइडलाइन्स को ताक पर रखते हुए कई सौ करोड़ के लोन बांटे गए जो कभी वापिस नहीं आये।
 
 
जम्मू कश्मीर बैंक के संचालन में बड़े पैमाने पर गड़बड़ झाला है, यह जम्मू कश्मीर का एक बहुत बड़ा तबका जानता था। लेकिन बैंक ने जम्मू कश्मीर में राजनीतिज्ञों और कुछ औद्योगिक घरानों के साथ एक ऐसा जाल बुन लिया था कि कोई इसके खिलाफ बोलने को तैयार नहीं था। यदि किसी व्यक्ति ने अपने स्तर पर बैंक से जुड़े मसलों पर आवाज़ उठाने की कोशिश की तो उन्हें निशाना बनाया गया।
 
 
1. जम्मू कश्मीर के जम्मू के वरिष्ठ पत्रकार संत शर्मा ने केरल में आई बाढ़ के बाद अपने कर्मचारियों की सैलरी को काटकर उसे केरल भेजे जाने के निर्णय के बारे में एक फेसबुक पोस्ट की तो , बैंक ने संत शर्मा के खिलाफ मानहानि का केस ही दायर कर दिया।
 
2. जम्मू कश्मीर के सबसे छोटे हिस्से कश्मीर में आटीआई कार्यकर्ता डॉक्टर रजा मुजफ्फर भट ने जम्मू कशमीर बैंक के ऊपर एक लेख लिखा था। इस लेख से जम्मू कश्मीर बैंक का प्रबंधन इतना नाराज़ हुआ कि उन्होंने रजा से माफ़ी मांगने को कहा। जब रजा ने माफ़ी नहीं मांगी तो उसपर मानहानि का दावा कर दिया गया और उस केस के लिए कश्मीर घाटी के सबसे बड़े वकीलों में से एक वकील हायर किया था।
 
जम्मू कश्मीर बैंक पर हो रही लगातार कार्रवाई का कश्मीर में आमजन में काफी समर्थन है। एक स्थानीय निवासी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि राज्य के दूसरे बड़े हिस्से जम्मू में एक मान्यता है कि जम्मू कश्मीर बैंक केवल कश्मीरियों के फायदे के लिए काम करता है और जम्मू के साथ भेदभाव किया जा रहा है। लेकिन यह सत्य नहीं है, यह बैंक कश्मीर क्षेत्र के चंद लोगो के हाथ की कठपुतली बना हुआ है। इस बैंक से कश्मीर के आम जन को कोई लाभ नहीं प्राप्त हो रहा है, बल्कि यह बैंक जम्मू क्षेत्र और कश्मीर क्षेत्र के लोगों के बीच दूरियां बढ़ रही है। वर्तमान में घटे घटनाक्रम से लोगो में यह उम्मीद बंधी है कि बैंक से जुड़े भ्रष्ट तत्वों पर कार्रवाई होगी और सच पूरे देश के सामने आएगा।