मोस्ट वांटेड नक्सली लीडर नर्मदा पति के साथ गिरफ्तार, गढ़चिरौली में 1 मई को 15 जवानों की हत्या की जिम्मेदार है सुजाताक्का, गिरफ्तारी के बाद अर्बन नक्सलियों की उल्टी गिनती शुरू
    12-जून-2019

 
 
गढ़चिरौली में सीपीआई (माओवादी) की टॉप लीडर नर्मदा उर्फ सुजातअक्का उर्फ अलूरी कृष्णा कुमारी ने पिछले 10 सालों में अनगिनत आतंकी वारदातों को अंजाम दिया था। जिसमें हाल ही में 1 मई को हुए आईईडी हमले में 15 पुलिसकर्मियों की हत्या की साजिश भी शामिल है। मई 2018 में महाराष्ट्र पुलिस ने नर्मदा पर 25 लाख का ईनाम भी घोषित किया था। इस खतरनाक नक्सली लीडर को तेलंगाना स्पेशल इंटैलीजेंस ब्यूरो की मदद से हैदराबाद में गिरफ्तार कर लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक ये गिरफ्तारी सोमवार को हुई है। एक अंग्रेजी अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक नर्मदा को गढ़चिरौली पुलिस को सौंप दिया गया है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पायी है।
 
 60 साल की नर्मदा के साथ उसके पति किरन कुमार को भी गिरफ्तार किया गया है। जोकि खुद नक्सली   संगठन सीपीआई (माओवादी) के दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का मेंबर है। 57 साल का किरन   विजयवाड़ा का रहने वाला है। जोकि तेलंगाना स्टेट में माओवादी कमेटी का मेंबर भी है, किरन नक्सलियों की   प्रोपगैंड़ा मुख-पत्रिका प्रभात मैगजीन का काम देखते हैं। इसके अलावा किरन प्रैस और एजुकेशन में   माओवाद को फैलाने का काम देखता है।
 

 
 
नर्मदा पिछले 22 सालों में सक्रिय थी, लेकिन कभी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पायी। आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के गुडीवाडा की रहने वाली है, जोकि पिछले 10 सालों से गढ़चिरौली में नक्सलियों का नेतृत्व करती रही है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों से कैंसर का इलाज कराने की फिराक में थी। जिसके चलते नर्मदा ने गढ़चिरौली में दूसरे नक्सली पदगल सामी को अपना काम सौंप दिया था। हैदराबाद में भी नर्मदा अपने पति के साथ दूसरी बार कीमोथेरेपी सेशन के लिए आयी थी। जहां उसको गिरफ्तार कर लिया गया।
 
 
 
अर्बन नक्सलियों से हैं नर्मदा के सीधे संबंध
 
 
नर्मदा की गिरफ्तारी न सिर्फ नक्सलियों, बल्कि अर्बन नक्सलियों के लिए भी बड़ा झटका साबित होगी। क्योंकि नर्मदा और उसका पति ही अंडरग्राउंड नक्सल लीडरशिप और अर्बन नक्सलियो के बीच की कड़ी थे। दोनों काडर के बीच आपसी कम्यूनिकेशन इन दोनों के जरिये ही होता था। साथ ही दोनों काडर के बीच फंड के लेन-देन काम भी नर्मदा ही देखती थी।
 
नर्मदा दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और अर्बन नक्सल जीएन साईंबाबा के मामले भी अहम कड़ी हैं। साईंबाबा को गढ़चिरौली कोर्ट ने 2017 में ही दोषी करार दिया था औऱ फिलहाल नागपुर जेल में हैं। इसके अलावा भीमा-कोरेगांव केस में भी नर्मदा का नाम शामिल है।