J&K राज्यपाल का शानदार फैसला- J&K बैंक की बेलगाम आज़ादी खत्म, RTI के दायरे में आया बैंक, राज्य सरकार के प्रति होगी जवाबदेही, जानिये और क्या-क्या करना होगा J&K बैंक को
    09-जून-2019
 
 
 
J&K बैंक के चेयरमैन बदलने और हेडक्वार्टर में छापेमारी के बाद, बैंक की बेलगाम आजादी भी लगभग खत्म कर दी गयी है। राज्यपाल सत्यपाल मलिक के नेतृत्व में स्टेट एडमिनिस्ट्रेटिव काउंसिल ने बैंक के लिए नया आदेश पारित किया गया। जिसके तहत J&K बैंक की जवाबदेही सीधे राज्य प्रशासन के प्रति तय कर दी गयी है। नये बदलावों के मुताबिक-
 
 
1. जम्मू एंड कश्मीर बैंक लिमिटेड अब पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग इंस्टीट्यूशन की तहत चलाया जायेगा।
 

2. बैंक को पब्लिक सेक्टर संस्थान होने के नाते जम्मू कश्मीर राइट टू इन्फॉर्मेशन एक्ट 2009 के दायरे में लाया गया है। यानि अब आरटीआई के जरिये लोग इस संस्थान अपने सवालों की तमाम जानकारी हासिल कर सकेंगे।
 

3. जे एंड के बैंक में सीवीसी यानि चीफ विजिलेंस कमीशन की गाइडलाइंस भी लागू कर दी गयीं हैं।
 

4. बैंक को अपनी सालाना रिपोर्ट स्टेट फायनेंस डिपार्टमेंट के जरिये राज्य सरकार को देनी होगी।
 

5. जे एंड के बैंक लिमिटेड को अब सीधे राज्य सरकार के प्रशासनिक दायरे में लाया गया है। यानि सीधे सरकार के प्रति जवाबदेही तय कर दी गयी है।
 
 
 
ये तमाम आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिये गये हैं। दरअसल एक पब्लिक अंडरटेकिंग बैंक होने के बावजूद भी जेएंडके बैंक स्वायत्तता के नाम अपनी मनमानी करता रहा है। जिसके चलते पिछले 70 सालों में ये संस्थान भ्रष्टाचार और लालफीताशाही अड्डा बन गया था। यहां तक आरोप लगते रहे थे कि इस बैंक के जरिये देश विरोधी तत्व अपना वित्तिय लेन-देन करते हैं। लिहाजा इस बैंक की बेलगाम आजादी पर लगाम लगाना बेहद जरूरी था। जोकि अमित शाह के गृह मंत्री बनने के बाद संभव हो पाया।