“हिज्बुल मुजाहिदीन और अलगाववादियों से जुड़े हैं गौतम नवलखा के तार”- पुणे पुलिस
   25-जुलाई-2019
 
 
 
बुधवार को पुणे पुलिस ने बॉम्बे हाईकोर्ट के सामने कथित सिविल राइट्स एक्टिविस्ट गौतम नवलखा के बारे में सनसनीखेज़ खुलासा किया। पुणे पुलिस के मुताबिक जांच में पता चला है कि गौतम नवलखा आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन और कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के लगातार संपर्क में रहे हैं। लिहाजा नवलखा की गिरफ्तारी पर लगाई गयी रोक हटाई जाये। दरअसल रणजीत मोरे और भारती डांगरे की खंडपीठ पुणे पुलिस द्वारा भीमा-कोरेगांव केस में दायर एफआईआर को खारिज करने की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। जिसमें गौतम नवलखा पर आरोप है कि वो नक्सली नेताओं के लिए काम करते हैं।
 
 
 
पुणे पुलिस ने कोर्ट से मांग की कि नवलखा की गिरफ्तारी पर लगी रोक हटा ली जाये, क्योंकि वो जांच में बाधा बनी हुई है। पुणे पुलिस का केस रखते हुए एडिशनल पब्लिक प्रोसिक्यूटर अरूणा पई ने भीमा-कोरेगांव केस के संबंध में कुछ लैटर का हवाला दिया, जोकि दूसरे आरोपियों और गौतम नवलखा के बीच लिखे गये थे। इन लैटर को पिछले महीने सीलबंद कवर में कोर्ट में जमा कराया गया था। बुधवार को अरूणा पई ने आरोपी गौतम नवलखा के लैपटॉप से बरामद लैटर्स का भी जमा किया, जिससे साबित होता है कि वो नक्सली ग्रुप और आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के संपर्क में थे।
 
 
 
नक्सली नेता द्वारा लिखे लैटर में पता था नवलखा जम्मू कश्मीर में इस्लामिक स्टूडेंट्स मूवमेंट के नेताओं से लगातार संपर्क में रहे और उनके जरिये हिज्बुल मुजाहिदीन और कश्मीरी अलगाववादियों को अपने समर्थन के संदेश भेजे। पब्लिक प्रोसिक्यूटर अरूणा पई ने कोर्ट को ये भी बताया कि नवलखा 2011 से हिज्बुल मुजाहिदीन के संपर्क में थे और आर्म्स सप्लाई से लेकर सीक्रेट इन्फॉर्मेंशन पास करने का काम भी किया।
 
 

 
 ह्यूमन राइट्स के प्रोग्राम के बहाने गौतम नवलखा अक्सर देश विरोधी वक्तव्य देते रहे हैं, फोटो- फ्रंटलाइन 
 
 
हालांकि गौतम नवलखा के वकील युग चौधरी ने इन तमाम आरोपों को नकारा और कहा कि ये तमाम आरोप मनगढंत हैं। उन्होंने सीलबंद कवर में जमा किये गये लैटर्स कॉपी की मांग की, लेकिन पुलिस ने मना कर दिया।
 
 
दरअसल पुणे पुलिस ने 31 दिसंबर 2017 को भीमा-कोरेगांव में दंगा भड़काने के मामले में गौतम नवलखा और दूसरे कथित एक्टिविस्टों को गिरफ्तार किया था। लेकिन 5 जुलाई को बॉम्बे हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए 23 जुलाई तक के लिए रोक लगा दी थी। जिसके बाद बुधवार को फिर से मामला कोर्ट में पहुंचा, इसी केस पर गुरूवार को भी सुनवाई जारी रहेगी।