दिल्ली में जम्मू कश्मीर पीपल्स फोरम ने मनाया कारगिल विजय दिवस, कारगिल-लद्धाख के सांसद ने की शिरकत
   26-जुलाई-2019

 
कॉन्स्टिटयूशन क्लब दिल्ली में जम्मू कश्मीर पीपल्स फोरम की तरफ से 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस की 20 वीं वर्षगांठ मनाई गई। जिसमें मुख्य अतिथी के रुप में लद्दाख के सांसद जमयांग सेरिंग नामग्याल और भारतीय सेना के रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह और जम्मू कश्मीर रिसर्च सेंटर के अध्यक्ष जवाहर लाल कौल ने मौजूद रहे।

 
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए जनरल गुरमीत सिंह ने कारगिल दिवस को याद करते हुए वहां मौजूद सभी लोगों को भारतीय सेना के साहस की कहानी सुनाई । उन्होंने बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान पाकिस्तानी सेना कारगिल की पहाड़ियों पर जिनकी ऊचांई करीब 12 हजार से 18 हजार फुट पर मौजूद थी। उस वक्त भारतीय सेना बहुत मुश्किल से उन पहाड़ियों पर चढ़कर उनसे लड़ाई लड़ी और सभी हिल्स पर तिरंगा फहराया। उस युद्ध में हमारे 527 जवान शहीद हुए, जिनकी वीरता और साहस को सलाम करते है।


  
 
कार्यक्रम में आये सभी लोगों को संबोधित करते हुए लद्दाख के सांसद जमयांग सेरिंग नामग्याल ने बताया कि कारगिल युद्ध के दौरान वहां की स्थानीय लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी। खाने की व्यवस्था के साथ हर संभव मदद की। लेकिन आज कारगिल की लड़ाई के 20 साल बाद भी वहां की जनता का हाल बेहाल है। उन्होंने बताया कि आज भी लद्दाख के कई गांवों में मोबाइल फोन नेटवर्क नहीं है।
 
वहां के स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एक बड़ी समस्या है। लेकिन इन सबके बावजूद आज भी लद्दाख के सभी जनता भारतीय सेना के साथ खड़े है। देश के ऊपर किसी भी तरह की मुसीबत आने पर हम मिलकर लड़ेगे। जम्मू कश्मीर रिसर्च सेंटर के अध्यक्ष जवाहर लाल कौल ने बोला कि हम हर साल कारगिल विजय दिवस इसलिए भी मनाते है कि हमारी नई पीढ़ी को देश का इतिहास पता रहे। उन्होंने कहा कि जो लोग इतिहास भूल जाते है , इतिहास उन्हें भूल जाता है।