न्यूयॉर्क की सड़कों पर पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन, अल्पसंख्यकों ने बताया पाकिस्तान का सच
    27-सितंबर-2019

 
न्यूयॉर्क के यूएन मुख्यालय के आस-पास सड़कों पर करीब सैकड़ों टैक्सी, ट्रकों पर जस्टिस फॉर कराची का डिजिटल विज्ञापन लगा हुआ है। इन विज्ञापनों के माध्यम से कराची में अल्पसंख्यकों के ऊपर हो रहे अत्याचार के बारे में बताया जा रहा है। यह विज्ञापन वॉइस ऑफ कराची नाम की संस्था ने निकाला है। ये संगठन पाकिस्तान में हो रहे मानवाधिकार उल्लघंन के सच को दिखाने के लिये 27 सितंबर को जस्टिस फॉर कराची कैंपेन निकालेगा। वहीं 27 सितंबर को ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान यूएन के असेंबली को संबोधित करने वाले है। एक तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान जम्मू-कश्मीर को मुद्दा बनाकर लगातार राग अलाप रहे है। वहीं दूसरी तरह पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के लिए इंसाफ की लड़ाई ने आग का रूप ले लिया है।
 
 
न्यूयॉर्क की सड़कों पर लोग कह रहे #PAKISTAN SHAME
 
टैक्सी,ट्रकों पर लगे विज्ञापन में पाकिस्तान का सच दिखने के बाद लोगों की प्रतिक्रिया है कि ये पाकिस्तान की शर्मनाक हरकत है। यूएन में इस वक्त पूरे विश्व के बड़े-बड़े नेता मौजूद है, ऐसे में न्यूयॉर्क की सड़कों पर जस्टिस फॉर कराची कैंपेन पूरे विश्व को पाकिस्तान का सच दिखाती है।
 
पाकिस्तान दबाता है मुहाजिरों की आवाज
 
कराची के पूर्व मेयर वासे जलील ने बताया कि पाकिस्तान मुहाजिरों को अन्याय के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध करने की अनुमति भी नहीं देता है। हमारे पास उनके हस्तक्षेप की तलाश के लिए सयुंक्त राष्ट्र से संपर्क करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। यह हमारा नैतिक, मानवीय और लोकतांत्रिक अधिकार है।
 
 
 
25 हजार से ज्यादा मुहाजिरों को मार दिया पाकिस्तान
 
वासे जलील ने बताया कि मुहाजिरों के ऊपर सालों से अत्याचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने 25 हजार से अधिक लोगों की हत्या कर चुका है। हम अपनी स्थिती से दुनिया को अवगत कराना चाहते है।
 
इमरान खान पहले देखे अपना देश
 
वॉयस ऑफ कराची के अध्यक्ष नदीम नुसरत ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में बताया कि पाकिस्तान कश्मीर के मुद्दे को उठा रहा है, ताकि पाकिस्तानी सेना के अत्याचारों पर किसी का ध्यान ना जाये। पाकिस्तानी अल्पसंख्यक अमेरिकी कांग्रेसियों और सीनेटरों के पास भी पहुंच कर मदद मांग रहे हैं। पीएम इमरान खान को किसी भी मुद्दे पर बात करने से पहले अपना घर देखना चाहिये। पाकिस्तान को सभी जातीय और धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ सम्मान व्यवहार करना चाहिये।