अमेरिका ने पाकिस्तान को दी नसीहत, कहा- कश्मीर से पहले चीन में नजरबंद मुसलमानों की करें चिंता
   27-सितंबर-2019

 
अमेरिका ने पाकिस्तान को एक बार फिर नसीहत देते हुये कहा है कि वो जम्मू-कश्मीर के मुसलमानों से पहले चीन में अवैध रुप से नजरबंद मुसलमानों के बारे में चिंता करे। दक्षिण और मध्य एशिया मामलों की अमेरिकी मंत्री एलिस वेल्स ने गुरुवार को पाकिस्तान से कहा कि चीन में मुस्लिमों के हालात काफी खराब है। उन्हें नजरबंद शिविरों में रखा जा रहा है, लेकिन पाकिस्तान इस पर कोई चिंता जाहिर नहीं करता है। पाकिस्तान को चीन के मुद्दे पर ज्यादा चिंता जाहिर करनी चाहिये, क्योंकि वहां मानवाधिकारों का उल्लंघन ज्यादा है।
 
चीन के मुद्दे पर पाकिस्तान क्यों चुप ?
 
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान दुनिया के सामने खुद को मुस्लिमों का हितैषी बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे है। ऐसे में अमेरिकी मंत्री एलिस वेल्स द्वारा दिया गया बयान बिल्कुल सटीक है। पाकिस्तान को क्यों सिर्फ कश्मीर के ही मुस्लिमों की चिंता है ? भारत में मुस्लिम बहुत अमन और चैन के साथ रहते है। लेकिन चीन में उइगुर मुस्लिमों का हाल बहुत बुरा है। उन्हें जबरदस्ती यातना शिविरों में रखा जा रहा है। उन्हें धार्मिक आजादी नहीं दी जाती है। लेकिन पाकिस्तान चीन के मुद्दे पर हमेशा चुप रहता है।
 
चीन के नाम से डरते है पीएम इमरान खान
 
पीएम इमरान खान चीन के नाम से इतना डरते है कि वो चीन के खिलाफ पूछे गये किसी भी सवाल का जवाब नहीं देते है। बीते 14 अगस्त को प्रसारित हुये अल-जजीरा के एक इंटरव्यू में इमरान खान ने कश्मीर के मुद्दे पर विस्तार से बात की थी। लेकिन जब पत्रकार मोहम्मद जमजूम ने इमरान खान से सवाल पूछा कि “क्या उन्हें कभी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उइगुर मुसलमानों के मुद्दे पर चर्चा करने का मौका मिला है ? इसके जवाब में कहा कि उन्हें इस समस्या के बारे में ज्यादा नहीं पता है। बीजिंग इस्लामाबाद का सबसे अच्छा दोस्त है। पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था भी चीन के सहारे ही चल रही है। ऐसे स्थिती में पाकिस्तान चीन के खिलाफ कुछ नहीं बोलेगा।
 
कौन है चीन में नजरबंद उइगर मुसलमान ?
 
इस्लाम को मानने वाले उइगर समुदाय के लोग चीन के पश्चिमी क्षेत्र शिंजियांग प्रांत में रहते हैं। इस प्रांत की सीमा मंगोलिया और रूस सहित आठ देशों के साथ मिलती है। उइगर मुसलमानों की इस क्षेत्र में आबादी लगभग एक करोड़ से ऊपर है। इस क्षेत्र में उनकी आबादी बहुसंख्यक थी, लेकिन जब से इस क्षेत्र में चीनी समुदाय हान की संख्या बढ़ी है और सेना की तैनाती हुई है तब से यह स्थिति बदल गई है। चीनी सरकार अब वहां के मुसलमानों नजरबंद शिविरों में रखती है।