J&K: अस्पतालों में इंटरनेट और टेलीफोन सेवा बहाल करने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
    30-सितंबर-2019

 
जम्मू कश्मीर के अस्पतालों और मेडिकल केंद्रों पर तत्काल प्रभाव से हाई-स्पीड इंटरनेट और टेलीफोन सेवा बहाल करने के लिए दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए, मामले को अन्य याचिकाओं के साथ संबद्ध कर दिया है।
 
11 सितंबर को अधिवक्ता सत्य मित्रा ने डॉक्टर संजय कौल और सलीम जहांगीर किरमानी की तरफ से जनहित याचिका दाखिल की थी। जिसमें सुप्रीम कोर्ट से केंद्र को मेडिकल संस्थानों में इंटरनेट और टेलीफोन सेवा बहाली के लिए निर्देश जारी करने की अपील की गयी थी। याचिका में तमाम अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों के डॉक्टरों समेत तमाम मेडिकल स्टाफ के मोबाइल फोन सेवा बहाल करने की भी याचिका दायर की गयी थी।
 
इसके अलावा आज सुप्रीम कोर्ट ने चाइल्ड राइट्स एक्टिविस्ट एनाक्षी गांगुली और शांता सिन्हा की याचिका को भी संवैधानिक पीठ को रेफर कर दिया है। इस याचिका में जम्मू कश्मीर में बच्चों को हिरासत में लिये जाने के खिलाफ अपील दायर की गयी थी।
 
आपको बता दें कि जम्मू कश्मीर से संबंधित आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निरस्त करने और राज्य के पुनर्गठन के खिलाफ याचिकाओं की सुनवाई के लिए 5 जजों की संवैधानिक पीठ बनायी गयी है। जो 1 अक्टूबर से सुनवाई शुरू करेगी। इस पीठ में जस्टिस एन.वी रमन्ना, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस आर. सुभाष रेड्डी, जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस सूर्यकांत शामिल हैं।