“पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद जारी, उनसे रिश्ते सामान्य करना बहुत मुश्किल”- विदेश मंत्री एस जयशंकर
   16-अक्तूबर-2020

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पाकिस्तान की इमरान सरकार आतंकवाद को सार्वजनिक तौर पर ऐसी नीति मानती रही है, जिसे वह सही ठहराती है। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को एशिया सोसायटी द्वारा आयोजित एक ऑनलाइन समारोह को संबोधित करते हुये यह बात कही। उन्होंने कहा कि यहीं कारण है कि पाकिस्तान के साथ संबंध सामान्य करना भारत के लिए बहुत मुश्किल है। उन्होंने कहा कि केवल आतंकवाद ही नहीं है, बल्कि पाकिस्तान भारत के साथ सामान्य कारोबार नहीं करता और उसने नई दिल्ली को मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा नहीं दिया है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे सामान्य वीजा संबंध नहीं हैं और वह इस मामले में बहुत प्रतिबंधात्मक हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने भारत और अफगानिस्तान के बीच कनेक्टिविटी बाधित की है।
 
 

 


विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि कोई भी सामान्य पड़ोसी देश वीजा और कारोबारी संबंध रखते हैं, वह आपको कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। साथ ही सबसे महत्वपूर्ण बात कि वह आतंकवाद को बढ़ावा नहीं देते। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ सामान्य रिश्ते कैसे रखे जाये यह विदेश नीति के लिए बहुत बड़ी समस्या वाला विषय है।
 

 
 

जम्मू-कश्मीर के सवाल पर एस जयशंकर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर राज्य अब दो केंद्रशासित प्रदेशों में बंट गया है। उन्होंने कहा कि भारत की बाहरी सीमाएं नहीं बदली गई हैं। जहां तक हमारे पड़ोसी देशों की बात है, तो उनके लिए हमारा कहना है कि यह हमारा आंतरिक विषय है। उन्होंने कहा कि हर देश अपने प्रशासनिक न्यायक्षेत्र को बदलने का अधिकार रखता है। चीन जैसे देश ने भी अपने प्रांतों की सीमाएं बदली हैं और मुझे विश्वास है कि अन्य कई देश ऐसा करते हैं। उन्होंने कहा कि पड़ोसी तभी प्रभावित होते हैं जब आपकी बाहरी सीमाएं बदलती हैं। लेकिन जम्मू-कश्मीर के मामले में ऐसा कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि पिछले साल अनुच्छेद 370 के निरस्त होने और जम्मू-कश्मीर के केंद्रशासित प्रदेश बनने के बाद पाकिस्तान की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई थी और वह कश्मीर मुद्दे पर भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की असफल कोशिश किया था।



उन्होंने भारत-पाकिस्तान संबंध को लेकर आगे कहा कि पाकिस्तान के आतंकी समूहों द्वारा 2016 में पठानकोट वायु सेना केंद्र पर आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में तनाव आ गया था। इसके बाद उरी में भारतीय सेना के शिविर पर हमले समेत अन्य हमलों ने संबंधों को और बिगाड़ दिया था। पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना के विमानों ने पिछले साल 26 फरवरी को पाकिस्तान के भीतर मौजूद जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकी शिविर को तबाह कर दिया था।