J&K में हस्तकला से जुड़े कारीगरों का पंजीकरण करेगी सरकार, हस्तशिल्प को मिलेगा वैश्विक बाजार
   02-दिसंबर-2020
 

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जम्मू-कश्मीर में हर जिले के हस्तकला से जुड़े कारीगरों का सरकार पंजीकरण करेगी। जिससे उन्हें आने-वाले दिनों में अपने बनाए सामान को बेचने के लिए वैश्विक बाजार मिलेगा। सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है कि इससे पहले इन कारीगरों को सरकारी स्तर पर प्रोत्साहन नहीं मिलता था। लेकिन राज्य सरकार ने हस्तकला से जुड़े इन कारीगरों को उनकी विशेषता अनुसार उभारने और उन्हें अपने उत्पाद बेचने के लिए उचित मंच प्रदान करने के लिए इनका पंजीकरण करने का फैसला लिया है। उपराज्यपाल के सलाहकार बसीर खान ने सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नर को अपने-अपने जिले के कारीगरों का उनकी विशेषता के आधार पर पंजीकरण करने के निर्देश दिये हैं।



सलाहकार बसीर खान ने कहा है कि प्रदेश के हर जिले की हस्तकला व हथकरघा की अपनी विशेषता है। कई कारीगर सालों से इस कला से जुड़े हुये हैं, लेकिन इन्हें उचित मंच नहीं मिलने के कारण उनके उत्पादों को बाजार नहीं मिलता है। ऐसे में जरूरी है कि इन कारीगरों का उनकी हस्तकला और हथकरघा की विशेषता के आधार पर पंजीकरण किया जाये। पंजीकरण से सरकार के पास एक उचित आंकड़ा आ जायेगा, जिसके बाद इनके प्रोत्साहन के लिए विशेष योजना पर काम करना संभव हो पायेगा। बसीर खान ने बीते मंगलवार को हैंडक्राफ्ट और हैंडलूम विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान ये पंजीकरण के दिशा निर्देश दिये हैं। वहीं बसीर खान ने राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थानों को चिह्नित करके इन कारीगरों की आर्थिक स्थिति में सुधार करने के लिए मेले आयोजित करने की सलाह भी दी है। वहीं बैठक में बसीर खान ने प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों के कौशल को विकसित करने के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम चलाने तथा इसके लिए कुछ संस्थानों को साथ लाने की सलाह दी है। बैठक के दौरान मौजूद उद्योग व वाणिज्य विभाग के आयुक्त सचिव मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि हस्तकला और हथकरघा उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने इनकी ऑनलाइन बिक्री शुरू की है और इसके लिए कुछ पोर्टल के साथ समझौता भी किया गया है।