दूसरे राज्य से आकर J&K का डोमिसाइल सर्टिफिकेट पाने वाले पहले आईएएस अधिकारी बने नवीन चौधरी

जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अनुच्छेद 370 निरस्त होने के बाद पहली बार राज्य के बाहर के व्यक्तियों को डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी किया है। आईएएस नवीन कुमार चौधरी जम्मू-कश्मीर का डोमिसाइल हासिल करने वाले पहले आइईएएस अधिकारी बने हैं। प्रशासन ने आईएएस अधिकारी समेत करीब 25 हजार नागरिकों को डोमिसाइल सर्टिफिकेट दिया है। अब ये सभी नागरिक कानूनी रूप से जम्मू-कश्मीर के स्थायी निवासी हैं। बता दें कि डोमिसाइल सर्टिफिकेट पाने वाले आईएएस अधिकारी नवीन चौधरी वर्तमान में जम्मू शहर में रहते हैं और वह राज्य सरकार के एग्रीकल्चर विभाग में कमिश्नर सेक्रेटरी पद पर तैनात हैं। नवीन चौधरी दूसरे राज्य से आने वाले पहले ऐसे अधिकारी हैं, जिन्हें डोमिसाइल सर्टिफिकेट मिला है। नवीन चौधरी मूल रूप से बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने जम्मू के बाहू तहसीलदार कार्यालय में डोमिसाइल सर्टिफिकेट के लिए अप्लाई किया था। इस आवेदन के बाद गुरुवार को बाहू तहसील के तहसीलदार रोहित शर्मा ने नवीन चौधरी को डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी किया है। नवीन चौधरी को यह सर्टिफिकेट जम्मू-कश्मीर ग्रांट डोमिसाइल सर्टिफिकेट (प्रोसिजर) रूल्स 2020 के नियम 5 के तहत जारी किया गया है।
इसके अलावा प्रशासन ने सांबा निवासी एक महिला के पति और पुत्र को भी डोमिसाइल सर्टिफिकेट दिया है। दरअसल महिला जम्मू-कश्मीर की निवासी थी, लेकिन उन्होंने बाहरी व्यक्ति से शादी की थी। जिस कारण उनके पति और पुत्र को जम्मू-कश्मीर का स्थायी निवासी नहीं माना जाता था। लेकिन सरकार के नए डोमिसाइल कानून के कारण उनके पति और पुत्र को भी डोमिसाइल सर्टिफिकेट मिल गया है।
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार जम्मू-कश्मीर प्रशासन को अधिवास प्रमाण पत्र (डोमिसाइल सर्टिफिकेट) के लिए 33,157 आवेदन प्राप्त हुये हैं। जिसमें 25 हजार से अधिक लोगों को डोमिसाइल सर्टिफिकेट मिल गया है। सरकार को जम्मू संभाग के 10 जिलों में लगभग 32,000 आवेदन प्राप्त हुये हैं, जबकि कश्मीर संभाग से केवल 720 आवेदन प्राप्त हुये हैं।
नए नियम के तहत इन लोगों को मिलेगा डोमिसाइल सर्टिफिकेट -
केंद्र सरकार ने अनुच्छेद 370 निरस्त करने के बाद जम्मू-कश्मीर में नए डोमिसाइल कानून (संशोधन) को मंजूरी दी थी। नए नियम में उन लोगों को स्थायी निवासी माना गया है, जो 15 साल से जम्मू-कश्मीर में रह रहे हैं। साथ ही जिन लोगों ने राज्य में सात साल तक पढ़ाई की है और इसी राज्य के स्कूलों में 10वीं एवं 12 की परीक्षा दी है। ऐसे सभी लोग नये नियम के तहत डोमिसाइल सर्टिफिकेट पाने के योग्य हैं।