J&K हस्तकला को बढ़ावा देने के लिए ई कामर्स कंपनी से करार, हस्तशिल्प को मिलेगा वैश्विक बाजार

जम्मू-कश्मीर में सरकार ने हस्तकला से जुड़े कारीगरों का पंजीकरण करने और उत्पादों को ऑनलाइन बेचने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। फ्लिपकार्ट से समझौते के बाद हस्तशिल्प और हथकरघा निगम ने प्रदेश में क्राफ्ट की ई-लिस्टिंग का काम शुरू किया है। जिसके बाद अब कारीगरों को आने-वाले दिनों में अपने बनाए सामान को बेचने के लिए वैश्विक बाजार मिलेगा। सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है कि इससे पहले इन कारीगरों को सरकारी स्तर पर प्रोत्साहन नहीं मिलता था। लेकिन राज्य सरकार ने हस्तकला से जुड़े इन कारीगरों को उनकी विशेषता अनुसार उभारने और उनके उत्पाद बेचने के लिए उचित मंच प्रदान करने के लिए ई कामर्स कंपनियों से समझौता किया है। जिसके बाद अब जम्मू और कश्मीर संभाग के प्रसिद्ध क्राफ्ट और कारीगरों की सूची तैयार की जा रही है। जम्मू संभाग से 70 कारीगरों के उत्पादों को इस सूची में शामिल किया गया है। इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब उत्पादों की ई-लिस्टिंग की जा रही है। इसमें उत्पादों समेत कारीगरों की जानकरी मांगी गई है। हस्तशिल्प और हथकरघा निदेशालय जम्मू ने उत्पादकों की फोटो, नाम और संबंधित जानकरी मुहैया करवाई है। इसी तरह कश्मीर संभाग के सभी जिलों के कारीगरों के उत्पादों की सूची को भी निगम को सौंपी गई है।
बता दें कि जम्मू-कश्मीर में कई कारीगर सालों से इस कला से जुड़े हुये हैं, लेकिन उन्हें उचित मंच नहीं मिलने के कारण उनके उत्पादों को बाजार नहीं मिलता है। ऐसे में जरूरी है कि इन कारीगरों का उनकी हस्तकला और हथकरघा की विशेषता के आधार पर पंजीकरण करके उनके उत्पादों को ई कॉमर्स के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाये। सरकार की तरफ से पारंपरिक कारीगरों के कौशल को विकसित करने के लिए विशेष कौशल विकास कार्यक्रम चलाने तथा इसके लिए कुछ संस्थानों को साथ लाने की कवायद जारी है। सरकार ने हस्तकला और हथकरघा उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए इनकी ऑनलाइन बिक्री शुरू की है और इसके लिए कुछ पोर्टल के साथ समझौता भी किया गया है।