आईजी विजय कुमार ने शिक्षकों से छात्रों की काउंसलिंग करने की अपील, कहा – “इससे युवाओं को आतंक के रास्ते पर जाने से रोका जा सकता है”
    05-अप्रैल-2021

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जम्मू-कश्मीर आतंकी संगठनों के बहकावे में आकर आतंकवाद के रास्ते पर जाने वाले युवाओं को मुख्यधारा में वापस लाने के लिए जेके पुलिस अब शिक्षकों से उनकी काउंसलिंग करने की अपील कर रही है। पुलिस ने कहा कि शिक्षक समाज का यह तबका युवाओं को सही राह दिखाने में अहम भूमिका निभा सकता है। कश्मीर संभाग के आईजीपी विजय कुमार ने कहा कि पकिस्तान लगातार कश्मीर के नौजवानों को सोशल मीडिया के जरिये भड़काने, कट्टरपंथी विचारधारा की ओर झुकाने और उन्हें आतंकवाद में शामिल होने की कोशिश कर रहा हैं। आईजी विजय कुमार ने श्रीनगर कृष्णा ढाबा के मालिक का उदहारण देते हुए कहा कि उस हमले को अंजाम देने वाला सिर्फ 17 वर्ष का ही था। वहीं बागात में पुलिस कर्मियों पर हमले को अंजाम देने वाला आतंकी भी छोटा था। इसके अलावा नौगाम में जो हमला हुआ था, उसमें भी नए युवा वर्ग के आतंकियों ने अंजाम दिया था।
 
गौरतलब है कि भटके हुए युवाओं को वापस मुख्यधारा में शामिल करने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस और भारतीय सेना पिछले कई वर्षों से काफी प्रयास कर रही है। आईजीपी ने बताया कि वह लगातार ऐसे बच्चों के अभिभावकों के संपर्क में हैं और मीडिया के लोगों से भी अपील करते हैं कि वह भी इनके अभिभावकों के साथ संपर्क कर उन्हें अपने बच्चों की काउंसिलिंग करने को कहे। जिससे वह इस राह को छोड़ वापस सामान्य जीवन व्यतीत कर सके। इससे पहले पुलिस और सेना भटके हुए नौजवानों को सही राह पर लाने के लिए सिविल सोसाइटी के जिम्मेदार नागरिकों, धर्म गुरुओं और उनके अभिभावकों का सहारा लेती आई है।
 
आईजीपी विजय कुमार ने हाल ही में कश्मीर यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान भी शिक्षकों से बच्चों के सोशल कंट्रोल का रोल निभाने के लिए अपील की थी। आईजीपी ने कहा कि सबसे पहले युवाओं को समझाने का घर पर रोल अभिभावकों का होता, उसके बाद स्कूल और कॉलेज में टीचरों का और सबसे आखिर में पुलिस का होता है। उन्होंने कहा कि सोशल कंट्रोल में घर वाले, टीचर, आदि अपनी भूमिका निभा सकते हैं। आईजीपी ने कहा कि इस रास्ते पर जाकर या तो जेल मिलती या फिर इसका नतीजा मौत होता है। इस वर्ष अब तक 20 स्थानीय युवा आतंकवाद में शामिल हुए हैं, जिनमें से आठ मारे जा चुके हैं। वहीं 3 को गिरफ्तार किया गया, जबकि बाकी के अभी भी सक्रिय हैं।