प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक करियर और वैश्विक प्रभाव पिछले एक दशक में जबरदस्त उचाइयों को छू चुका है। उनके नेतृत्व में भारत ने न केवल आंतरिक मोर्चे पर कई बड़ी उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उनकी छवि और प्रतिष्ठा में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। PM मोदी को गत 10 वर्षों में उनके बेहतरीन कार्यों और वैश्विक लोकप्रियता के लिए 20 देशों का सर्वोच्च सम्मान प्राप्त हुआ है, जिसमें लगभग 8 इस्लामिक देशों का भी नाम शामिल है। यह उनकी कूटनीतिक समझ, वैश्विक नेतृत्व की दिशा, और भारत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।
इन देशों ने PM मोदी को दिया सर्वोच्च सम्मान
2016 : सउदी अरब, 'ऑर्डर ऑफ अब्दुल अजीज अल सऊद '
2016 : अफगानिस्तान, 'ऑर्डर ऑफ गाजी अमीर अमानुल्लाह खान'
2018 : फिलिस्तीन, 'ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ फिलिस्तीन अवॉर्ड'
2019 : मालदीव, 'रूल ऑफ निशान इज्जुद्दीन'
2019 : UAE, 'ऑर्डर ऑफ जायद अवॉर्ड'
2019 : बहरीन, 'किंग हमाद ऑर्डर ऑफ द रेनेसां'
2020 : USA, 'लीजन ऑफ मेरिट'
2023 : फिजी, 'कम्पेनियन ऑफ द ऑर्डर ऑफ फिजी'
2023 : पलाउ, इकबाल अवॉर्ड
2023 : पापुआ न्यू गिनी, 'द ऑर्डर ऑफ लोगोहू'
2023 : ,मिस्र, 'ऑर्डर ऑफ द नाइल'
2023 : फ्रांस, 'लीजन ऑफ ऑनर'
2023 : ग्रीस, 'ग्रैंड क्रॉस ऑफ द ऑर्डर ऑफ ऑनर'
2024 : भूटान, आर्डर ऑफ द ड्रुक ग्यालपो'
2024 : रूस, ऑर्डर ऑफ द सेंट एंड्रयू'
2024 : नाइजीरिया, 'आर्डर ऑफ नाइजर'
2024 : डोमिनिका, 'डोमिनिका अवॉर्ड ऑफ ऑनर'
2024 : गुयाना, 'ऑर्डर ऑफ एक्सीलेंस गुयाना'
2024 : बारबाडोस, 'ऑर्डर ऑफ फ्रीडम ऑफ बारबाडोस'
2024 : कुवैत, 'ऑर्डर ऑफ मुबारक अल कबीर'
PM मोदी का कूटनीतिक दृष्टिकोण
नरेंद्र मोदी का कूटनीतिक दृष्टिकोण उनकी विदेश नीति के माध्यम से स्पष्ट रूप से झलकता है। उन्होंने अपनी सरकार के पहले कार्यकाल से ही यह सुनिश्चित किया कि भारत केवल एक विकासशील देश न हो, बल्कि एक वैश्विक शक्ति के रूप में अपनी पहचान स्थापित करे। मोदी ने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष मजबूती से प्रस्तुत किया, चाहे वह संयुक्त राष्ट्र हो, जी-20, ब्रिक्स या अन्य वैश्विक समूह। उनकी विदेश नीति में विशेष ध्यान भारतीय प्रवासी समुदाय की स्थिति और हितों पर दिया गया। पीएम मोदी ने दुनियाभर में फैले भारतीयों को एकजुट करने का प्रयास किया, जो भारतीय कूटनीति की शक्ति को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध हुआ।
इस्लामिक देशों से सम्मान: एक महत्वपूर्ण उपलब्धि
नरेंद्र मोदी को 20 देशों से सर्वोच्च सम्मान प्राप्त होने में करीब 8 इस्लामिक देशों का नाम शामिल होना एक ऐतिहासिक पहलू है। पारंपरिक रूप से, भारत और कई इस्लामिक देशों के रिश्ते मिश्रित रहे हैं, लेकिन मोदी के नेतृत्व में भारत और इन देशों के बीच रिश्तों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इन देशों के साथ आर्थिक, सांस्कृतिक, और रणनीतिक सहयोग को बढ़ावा दिया। उदाहरण के लिए, भारत और सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, और ओमान जैसे देशों के बीच मजबूत व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्ते स्थापित हुए हैं। इन देशों में भारतीय श्रमिकों की बड़ी संख्या है, और मोदी ने उनकी स्थिति में सुधार के लिए कई पहल की हैं। इसके अलावा, मोदी ने इस्लामिक देशों से संबंधों को बढ़ावा देने के लिए अपने दौरे और संवाद को सशक्त किया। इससे इन देशों के साथ भारतीय रिश्तों में स्थिरता और विश्वास का निर्माण हुआ, जो अब फल-फूल रहा है।
मोदी की नेतृत्व शैली और लोकप्रियता
प्रधानमंत्री मोदी की कड़ी मेहनत, स्पष्ट दृष्टिकोण, और प्रभावशाली नेतृत्व शैली ने उन्हें न केवल भारत में, बल्कि दुनिया भर में लोकप्रिय बना दिया है। उनका संदेश हमेशा सशक्त, साहसी, और देश की भलाई के लिए समर्पित रहता है। यही कारण है कि उन्हें दुनियाभर से सम्मान प्राप्त हो रहा है। उनका राष्ट्रवाद, स्वदेशी उत्पादों के प्रति आग्रह (स्वदेशी अभियान), और भारत को एक सशक्त शक्ति बनाने का वादा, उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विशेष स्थान दिलाता है।
नरेंद्र मोदी के कार्यों ने उन्हें दुनिया भर में एक प्रेरणास्त्रोत बना दिया है। उनका व्यक्तिगत आकर्षण, सामाजिक मीडिया का प्रभावी उपयोग, और निर्णय लेने की क्षमता उन्हें एक वैश्विक नेता के रूप में स्थापित करती है।
आर्थिक और सुरक्षा मोर्चे पर मोदी का योगदान
प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने न केवल भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारतीय उत्पादों और सेवाओं की मांग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनकी "मेक इन इंडिया", "आत्मनिर्भर भारत", और "डिजिटल इंडिया" जैसी योजनाएं भारतीय उद्योग को नए ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक रही हैं। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था की छवि भी सकारात्मक रूप से बदली है।
सुरक्षा के क्षेत्र में, मोदी ने अपने नेतृत्व में भारत को एक मजबूत रक्षा नीति और रणनीतिक साझेदारी बनाने में सफलता हासिल की। उन्होंने आतंकवाद, सीमा सुरक्षा, और अन्य वैश्विक खतरों से निपटने के लिए ठोस कदम उठाए, जो भारत को एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करते हैं।
नोट : यह जानकारी 22 दिसंबर 2024 तक की है......
Ujjawal Mishra
(Assist. Editor JK Now)