देश में आगामी लोकसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान में अब महज कुछ ही दिन शेष हैं। लिहाजा चुनाव से ठीक पहले केंद्र की मोदी सरकार ने देश से किया अपना एक और वादा निभाया है। केंद्र की मोदी सरकार ने आज ऐतिहासिक फैसला करते हुए देश भर में CAA (Citizenship Amendment Act) को लागू करने के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। केंद्र सरकार के इस ऐतिहासिक कदम से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए लाखों हिन्दू-सिख शरणार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। केंद्र सरकार ने सीएए से संबंधित एक वेब पोर्टल भी तैयार कर लिया है, जिसे नोटिफिकेशन के बाद लॉन्च किया जाएगा। तीन मुस्लिम बहुल पड़ोसी मुल्कों से आने वाले वहां के अल्पसंख्यकों को इस पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। और सरकारी जांच पड़ताल के बाद उन्हें कानून के तहत नागरिकता दी जाएगी।
CAA और NRC को लेकर केंद्र सरकार की ओर से कुल 13 सवालों के जवाब दिया है, जो आम लोगों को CAA के बारे में पुख्ता जानकारी देते है. इन सवालों के अलावा मोदी सरकार की ओर से सभी अखबारों में CAA से जुड़ी जानकारी का विज्ञापन दिया गया...
खुद को गुमराह न होने दें. गलत सूचना का शिकार न बनें नागरिकता संशोधन कानून के तथ्यों को सही प्रकार से समझें
प्रश्न- 1. क्या CAA में ही NRC निहित है?
जवाब- ऐसा नहीं है। CAA अलग कानून है और NRC एक अलग प्रक्रिया है। CAA संसद से पारित होने के बाद देशभर में लागू हो चुका है, जबकि देश के लिए NRC के नियम व प्रक्रिया तय होने अभी बाकी है। असम में जो NRC की प्रक्रिया चल रही है, वह माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और असम समझौते के तहत की गई है।
प्रश्न 2. क्या भारतीय मुसलमानों को CAA और NRC को लेकर किसी प्रकार परेशान होने की जरूरत है?
जवाब : किसी भी धर्म को मानने वाले भारतीय नागरिक को CAA या NRC से परेशान होने की कोई जरूरत नहीं है।
प्रश्न 3. क्या NRC सिर्फ मुस्लिमों के लिए ही होगा?
जवाब- बिल्कुल नहीं। इसका किसी धर्म से कोई लेना देना नहीं है। यह भारत के सभी नागरिकों के लिए होगा। यह नागरिकों का केवल एक रजिस्टर है, जिसमें देश के हर नागरिक को अपना नाम दर्ज कराना होगा।
प्रश्न-4. क्या NRC में धार्मिक आधार पर लोगों को बाहर रखा जाएगा?
जवाब नहीं NRC किसी धर्म के बारे में बिल्कुल भी नहीं है। जब NRC लागू किया जाएगा, वह न तो धर्म के आधार पर लागू किया जाएगा और न ही उसे धर्म के आधार पर लागू किया जा सकता है। किसी को भी सिर्फ इस आधार पर बाहर नहीं किया जा सकता कि वह किसी विशेष धर्म को मानने वाला है।
प्रश्न-5. क्या NRC के जरिये मुस्लिमों से भारतीय होने का सबूत मांगा जाएगा?
जवाब- सबसे पहले आपके लिए ये जानना जरूरी है कि राष्ट्रीय स्तर पर NRC जैसी कोई औपचारिक पहल शुरू नहीं हुई है। सरकार ने न तो कोई आधिकारिक घोषणा की है और न ही इसके लिए कोई नियम-कानून बने हैं। भविष्य में अगर ये लागू किया जाता है तो यह नहीं समझना चाहिए कि किसी से उसकी भारतीयता का प्रमाण मांगा जाएगा।
NRC को आप एक प्रकार से आधार कार्ड या किसी दूसरे पहचान पत्र जेसी प्रक्रिया से समझ सकते है। नागरिकता के रजिस्टर में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आपको अपना कोई भी पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज देना होगा, जैसा कि आप आधार कार्ड या मतदाता सूची के लिए देते हैं।
प्रश्न 6. नागरिकता कैसे दी जाती है? क्या यह प्रक्रिया सरकार के हाथ में होगी?
जवाब : नागरिकता नियम 2009 के तहत किसी भी व्यक्ति की नागरिकता तय की जाएगी। ये नियम नागरिकता कानून, 1955 के आधार पर बना है। यह नियम सार्वजनिक रूप से सबके सामने है। किसी भी व्यक्ति के लिए भारत का नागरिक बनने के पांच तरीके हैं।
1. जन्म के आधार पर नागरिकता
2. वंश के आधार पर नागरिकता
3. पंजीकरण के आधार पर नागरिकता 4. देशीयकरण के आधार पर नागरिकता
5. भूमि विस्तार के आधार पर नागरिकता
प्रश्न 7. जब कभी NRC लागू होगा, तो क्या हमें अपनी भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए अपने माता-पिता के जन्म का विवरण उपलब्ध कराना पड़ेगा?
जवाब : आपको अपने जन्म का विवरण जैसे जन्म की तारीख, माह, वर्ष और स्थान के बारे में जानकारी देना ही पर्याप्त होगा। अगर आपके पास अपने जन्म का विवरण उपलब्ध नहीं है तो आपको अपने माता-पिता के बारे में यही विवरण उपलब्ध कराना होगा। लेकिन कोई भी दस्तावेज माता-पिता के द्वारा ही प्रस्तुत करने की अनिवार्यता बिल्कुल नहीं होगी। जन्म की तारीख और जन्मस्थान से संबंधित कोई भी दस्तावेज जमा कर नागरिकता साबित की जा सकती है। हालांकि अभी तक ऐसे स्वीकार्य दस्तावेजों को लेकर भी निर्णय होना बाकी है। इसके लिए वोटर कार्ड, पासपोर्ट, आधार, लाइसेंस, बीमा के पेपर जन्म प्रमाणपत्र, स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र, जमीन या घर के कागजात या फिर सरकारी अधिकारियों द्वारा जारी इसी प्रकार के अन्य दस्तावेजों को शामिल करने की संभावना है। इन दस्तावेजों की सूची ज्यादा लंबी होने की संभावना है ताकि किसी भी भारतीय नागरिक को अनावश्यक रूप से परेशानी न उठाना पड़े।