अमेरिका में सरकारी शटडाउन : ट्रंप फंडिंग बिल फेल, 7.5 लाख कर्मचारी जबरन छुट्टी पर

    03-अक्तूबर-2025
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America Funding Bill Failure Shutdown
 
 
अमेरिका में लगभग साढ़े 7 लाख सरकारी कर्मचारियों को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया है। इनमें से करीब 3 लाख कर्मचारियों की छंटनी का खतरा भी है। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार दूसरे दिन सरकारी फंडिंग बिल पास नहीं करा पाए, जिससे गैरजरूरी सरकारी कामकाज ठप हो गया।
 
 
कृषि विभाग, श्रम विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस, सुप्रीम कोर्ट, फेडरल कोर्ट, अमेरिकी बॉटनिकल गार्डन, पर्यावरण संरक्षण एजेंसी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान जैसी कई महत्वपूर्ण संस्थाएँ और कार्यालय बंद हो गए हैं।
 
 

बुधवार को फंडिंग बिल पर दूसरी बार वोटिंग हुई, जिसमें 55 वोट समर्थन में और 45 विरोध में पड़े। इसे पास कराने के लिए 60 वोटों की जरूरत थी, इसलिए यह प्रस्ताव फेल हो गया। इससे पहले मंगलवार को हुई पहली वोटिंग में भी बिल पास नहीं हो पाया था और इसी के बाद अमेरिका में सरकारी शटडाउन लागू हो गया। डेमोक्रेट्स ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी मांगों को बिल में शामिल करना चाहा, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। अब सीनेट अगले दो दिनों के लिए स्थगित है और शुक्रवार को बिल पर फिर से वोटिंग होगी।

 
 
आंकड़े समझिए :
 

अमेरिका की सीनेट में 100 सदस्य हैं: 53 रिपब्लिकन, 47 डेमोक्रेट और 2 निर्दलीय। बिल पास कराने के लिए ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को डेमोक्रेट्स का समर्थन आवश्यक था, लेकिन डेमोक्रेट्स ने विरोध किया। निर्दलीय सांसदों ने बिल के समर्थन में वोटिंग की, लेकिन यह पर्याप्त नहीं था।

 
अमेरिका में हर साल सरकार को बजट पास कराना जरूरी होता है। यदि संसद बजट पर सहमत नहीं होती, तो फंडिंग बिल पास नहीं होता और सरकारी खर्च रुक जाता है। गैर-जरूरी विभागों को इस दौरान बंद कर दिया जाता है। इसे ही सरकारी शटडाउन कहा जाता है। रिपब्लिकन पार्टी अब बिल को रोज़ाना पेश करने की तैयारी कर रही है, और ट्रंप इसे डेमोक्रेट्स पर दोष डालने के लिए भी इस्तेमाल कर रहे हैं।
 
 
 
हेल्थकेयर और बजट पर राजनीतिक खींचतान
 
 

मुख्य कारणों में से एक है ओबामा हेल्थकेयर सब्सिडी प्रोग्राम। डेमोक्रेट्स चाहते थे कि हेल्थकेयर सब्सिडी बढ़ाई जाए, जबकि रिपब्लिकन इसे महंगा मानते थे और डर था कि इससे अन्य सरकारी खर्च प्रभावित होंगे।  शटडाउन रोकने के लिए ट्रंप और डेमोक्रेटिक नेताओं ने व्हाइट हाउस में बैठक की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। ट्रंप प्रशासन ने यह भी संकेत दिए कि शटडाउन का उपयोग वे अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर सकते हैं, जबकि डेमोक्रेटिक प्रोग्राम्स को गैर-जरूरी घोषित किया जाएगा।

 
 
शटडाउन का असर और ट्रंप की रणनीति
 
 

शटडाउन के दौरान OMB (Office of Management and Budget) जरूरी और गैर-जरूरी सेवाओं का फैसला करता है। इसके तहत शिक्षा, पर्यावरण और स्वास्थ्य जैसे प्रोग्राम्स को गैर-जरूरी घोषित किया जा सकता है, जबकि डिफेंस और इमिग्रेशन को जरूरी माना जाएगा। ट्रम्प ने इसे डेमोक्रेट्स पर दोष डालने और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल किया है। लंबे शटडाउन से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँच सकता है, जबकि छोटे शटडाउन से ट्रंप को राजनीतिक लाभ भी मिल सकता है।

 
US पर बढ़ता कर्ज और शटडाउन का प्रभाव
 
 

अमेरिका का कर्ज पिछले दशकों में तेजी से बढ़ा है:

 
2001: 479 लाख करोड़
 
 
2008: 826 लाख करोड़
 
 
2017: 1,670 लाख करोड़
 
 
2020: 2,224 लाख करोड़
 
 
2024: 3,061 लाख करोड़
 
 

शटडाउन से सरकारी खर्च में कटौती होगी। कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिलेगी, कई सेवाएँ प्रभावित होंगी। इमरजेंसी सर्विसेज जैसे मेडिकल सर्विस, सीमा सुरक्षा और हवाई सेवाएं जारी रहेंगी।

 
 
पिछले शटडाउन की तुलना
 
 
 
पिछले 50 साल में फंडिंग बिल अटकने के कारण 20 बार शटडाउन हुआ है। ट्रंप के पिछले कार्यकाल में 2018 में 35 दिन का शटडाउन सबसे लंबा रहा, जिसमें:  
 
 
8 लाख कर्मचारी बिना वेतन काम करने पर मजबूर हुए
 
 
3.8 लाख कर्मचारियों को जबरन छुट्टी पर भेजा गया
 
 
अमेरिकी GDP में 0.4% की गिरावट हुई, लगभग 11 बिलियन डॉलर का नुकसान
 
 
नेशनल पार्क्स और स्मारक बंद हो गए, साफ-सफाई बाधित हुई
 
 
 
इस दौरान एयरपोर्ट और अन्य सेवाओं पर भी भारी असर पड़ा। स्टेचू ऑफ़ लिबर्टी और मेमोरियल में गंदगी जमा हो गई
 
 
 
शटडाउन की घटनाएँ


1995: नवंबर 5 दिन, दिसंबर 21 दिन

 
2013: 16 दिन
 
 
2018: जनवरी 3 दिन, दिसंबर 35 दिन
 
 
2019: पहली तिमाही में लंबा शटडाउन
 
 

2013 में कनाडा सीमा पर केवल 1 कर्मचारी काम कर रहा था, जबकि बाकी सभी छुट्टी पर थे। 2018 में FBI और एयरपोर्ट पर कर्मचारियों की कमी ने सुरक्षा और कामकाज पर असर डाला। अमेरिका में शटडाउन केवल सरकारी कर्मचारियों की समस्या नहीं है, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था और आम जनता पर असर डालता है। ट्रंप प्रशासन इसे अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहा है। लंबे शटडाउन से न केवल सेवाएँ प्रभावित होती हैं, बल्कि अमेरिकी GDP और अंतरराष्ट्रीय विश्वास पर भी असर पड़ सकता है। छोटा शटडाउन ट्रंप को राजनीतिक लाभ दे सकता है, लेकिन लंबा खिंचने पर यह उनकी छवि और अमेरिकी अर्थव्यवस्था दोनों के लिए गंभीर संकट बन सकता है।