
बुधवार को फंडिंग बिल पर दूसरी बार वोटिंग हुई, जिसमें 55 वोट समर्थन में और 45 विरोध में पड़े। इसे पास कराने के लिए 60 वोटों की जरूरत थी, इसलिए यह प्रस्ताव फेल हो गया। इससे पहले मंगलवार को हुई पहली वोटिंग में भी बिल पास नहीं हो पाया था और इसी के बाद अमेरिका में सरकारी शटडाउन लागू हो गया। डेमोक्रेट्स ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी मांगों को बिल में शामिल करना चाहा, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी। अब सीनेट अगले दो दिनों के लिए स्थगित है और शुक्रवार को बिल पर फिर से वोटिंग होगी।
अमेरिका की सीनेट में 100 सदस्य हैं: 53 रिपब्लिकन, 47 डेमोक्रेट और 2 निर्दलीय। बिल पास कराने के लिए ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को डेमोक्रेट्स का समर्थन आवश्यक था, लेकिन डेमोक्रेट्स ने विरोध किया। निर्दलीय सांसदों ने बिल के समर्थन में वोटिंग की, लेकिन यह पर्याप्त नहीं था।
मुख्य कारणों में से एक है ओबामा हेल्थकेयर सब्सिडी प्रोग्राम। डेमोक्रेट्स चाहते थे कि हेल्थकेयर सब्सिडी बढ़ाई जाए, जबकि रिपब्लिकन इसे महंगा मानते थे और डर था कि इससे अन्य सरकारी खर्च प्रभावित होंगे। शटडाउन रोकने के लिए ट्रंप और डेमोक्रेटिक नेताओं ने व्हाइट हाउस में बैठक की, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। ट्रंप प्रशासन ने यह भी संकेत दिए कि शटडाउन का उपयोग वे अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए कर सकते हैं, जबकि डेमोक्रेटिक प्रोग्राम्स को गैर-जरूरी घोषित किया जाएगा।
शटडाउन के दौरान OMB (Office of Management and Budget) जरूरी और गैर-जरूरी सेवाओं का फैसला करता है। इसके तहत शिक्षा, पर्यावरण और स्वास्थ्य जैसे प्रोग्राम्स को गैर-जरूरी घोषित किया जा सकता है, जबकि डिफेंस और इमिग्रेशन को जरूरी माना जाएगा। ट्रम्प ने इसे डेमोक्रेट्स पर दोष डालने और अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भी इस्तेमाल किया है। लंबे शटडाउन से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुँच सकता है, जबकि छोटे शटडाउन से ट्रंप को राजनीतिक लाभ भी मिल सकता है।
अमेरिका का कर्ज पिछले दशकों में तेजी से बढ़ा है:
शटडाउन से सरकारी खर्च में कटौती होगी। कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिलेगी, कई सेवाएँ प्रभावित होंगी। इमरजेंसी सर्विसेज जैसे मेडिकल सर्विस, सीमा सुरक्षा और हवाई सेवाएं जारी रहेंगी।
1995: नवंबर 5 दिन, दिसंबर 21 दिन
2013 में कनाडा सीमा पर केवल 1 कर्मचारी काम कर रहा था, जबकि बाकी सभी छुट्टी पर थे। 2018 में FBI और एयरपोर्ट पर कर्मचारियों की कमी ने सुरक्षा और कामकाज पर असर डाला। अमेरिका में शटडाउन केवल सरकारी कर्मचारियों की समस्या नहीं है, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था और आम जनता पर असर डालता है। ट्रंप प्रशासन इसे अपने राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहा है। लंबे शटडाउन से न केवल सेवाएँ प्रभावित होती हैं, बल्कि अमेरिकी GDP और अंतरराष्ट्रीय विश्वास पर भी असर पड़ सकता है। छोटा शटडाउन ट्रंप को राजनीतिक लाभ दे सकता है, लेकिन लंबा खिंचने पर यह उनकी छवि और अमेरिकी अर्थव्यवस्था दोनों के लिए गंभीर संकट बन सकता है।