पाकिस्तान की नापाक करतूतों की कहानी दुनिया जानती है, लेकिन इस बार जो खुलासा हुआ है, वह इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला है। अल जजीरा की ताज़ा रिपोर्ट ने पाकिस्तान और चीन के बीच चल रहे एक क्रूर मानव तस्करी रैकेट का परदाफाश किया है जिसमें गरीब और पिछड़े तबकों की पाकिस्तानी लड़कियों को शादी के नाम पर चीनी नागरिकों को बेचा जा रहा है।
629 लड़कियां एक साल में चीन को बेची गईं
रिपोर्ट के अनुसार, 2018-19 के दौरान 629 पाकिस्तानी लड़कियां चीन भेजी गईं। यह आंकड़ा पाकिस्तान की पुलिस और गृह मंत्रालय के रिकॉर्ड में मौजूद है, लेकिन तत्कालीन इमरान खान की पिछली सरकार और मौजूदा हुकूमत चीन के दबाव में इतनी बुरी तरह दबी हैं कि कोई आधिकारिक कार्रवाई करने की हिम्मत तक नहीं जुटा सकीं। सीपेक और अरबों डॉलर के कर्ज के बोझ तले पाकिस्तान की सरकार और सेना चीन के आगे पूरी तरह झुकी हुई है, इसलिए लड़की बेचने वाले गिरोह पर कार्रवाई सिर्फ दिखावा बनकर रह गई।
कैसे होती है लड़कियों की तस्करी?
दलाल गरीब तबके की लड़कियों को “अच्छी शादी” का लालच देकर फंसाते हैं
उनसे धोखे में दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर करवाए जाते हैं
इनमें कई लड़कियां नाबालिग होती हैं
सौदा 40 लाख से 1 करोड़ पाकिस्तानी रुपए तक में होता है
80% पैसा दलाल और स्थानीय गिरोह खा जाते हैं
लड़कियों को बेहद मामूली रकम ही दी जाती है
कई लड़कियों को चीन जाकर जबरन देह व्यापार में धकेल दिया गया
गिरफ्तारी, फिर सबूत ‘गायब’
एक मामले में 31 चीनी नागरिकों पर फर्जी निकाह और मानव तस्करी का केस दर्ज हुआ। पुलिस ने कुछ लोगों को गिरफ्तार भी किया, लेकिन सरकार की ओर से भारी दबाव पड़ा, सबूत ‘उड़ाए’ गए अधिकारियों को चुप रहने को कहा गया और अंत में सभी आरोपी बरी हो गए। यानि पाकिस्तान की सरकार और सिस्टम ने खुद लड़कियों को इंसाफ मिलने से रोक दिया।
चीन का दबदबा
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी इस मुद्दे पर एक शब्द बोलने को तैयार नहीं हुए। चीन ने भी यही बयान दिया कि “उसे किसी सूची या मामले की जानकारी नहीं है।”
असलियत यह है कि चीन ने पाकिस्तान को अरबों डॉलर का कर्ज दिया है, सीपेक पर 75 करोड़ डॉलर का निवेश हो रहा है, पाकिस्तानी सरकार और सेना कर्जदार और बेबस स्थिति में हैं, इसलिए चीन से जुड़े अपराधों को जोर-शोर से दबाया जा रहा है।
इस घिनौने रैकेट में सबसे ज्यादा पीड़ित ईसाई समुदाय की गरीब लड़कियां हैं। 2019 में इमरान खान को दी गई गुप्त रिपोर्ट दबाई गई सितंबर 2019 में पाकिस्तान की जांच एजेंसी ने एक सीक्रेट रिपोर्ट तत्कालीन प्रधानमंत्री इमरान खान को सौंपी थी।
इसमें 52 चीनी नागरिकों और 20 पाकिस्तानी दलालों के खिलाफ दर्ज मामलों का पूरा विवरण था। लेकिन सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। सभी आरोपी बरी हो गए और चीनी नागरिक आराम से पाकिस्तान छोड़कर भाग निकले। यही नहीं, मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट बताती है कि चीन सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि म्यांमार, कंबोडिया, नेपाल, वियतनाम और उत्तर कोरिया की गरीब लड़कियों को भी इसी तरह फर्जी शादी के जाल में फंसाता है।
पाकिस्तान ‘ह्यूमन ट्रैफिकिंग हब’
चीन के कर्ज और दबाव में घुटनों पर गिरा पाकिस्तान अपने ही नागरिकों खासतौर पर गरीब लड़कियों को बचाने में पूरी तरह असफल रहा है। सरकार, पुलिस और सेना की मिलीभगत ने पाकिस्तान को मानव तस्करी का केंद्र बना दिया है। यह रिपोर्ट पाकिस्तान की खोखली नैतिकता और अपमानजनक निर्भरता का सबसे बड़ा प्रमाण है।