Jammu Kashmir Tourism : 2025 को विदाई देने और 2026 का स्वागत करने के लिए जम्मू-कश्मीर एक बार फिर पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है। नए साल के जश्न से पहले घाटी में उत्सव का माहौल है और देश के कोने-कोने से आए पर्यटकों ने कश्मीर के लगभग सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों को ‘हाउसफुल’ कर दिया है। गुलमर्ग, पहलगाम, श्रीनगर और सोनमर्ग जैसे लोकप्रिय डेस्टिनेशन इन दिनों सैलानियों से खचाखच भरे हुए हैं।
पर्यटकों की रिकॉर्ड संख्या को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क दिखाई दे रही हैं। सीमावर्ती इलाकों में बीएसएफ और भारतीय सेना के जवान लगातार गहन तलाशी अभियान चला रहे हैं, जबकि आंतरिक जिलों में भी सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।
पहलगाम हमले के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में पर्यटक
पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद यह पहली बार है जब इतनी बड़ी संख्या में पर्यटक कश्मीर घाटी पहुंचे हैं। ऐसे में सैलानियों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की जिम्मेदारी भी कई गुना बढ़ गई है। डोडा, किश्तवाड़, बारामूला और श्रीनगर सहित कई संवेदनशील और प्रमुख इलाकों में सुरक्षाबलों द्वारा सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट निर्देश है कि पर्यटकों को किसी भी प्रकार की असुविधा या खतरा न हो और उनका प्रवास पूरी तरह सुरक्षित रहे।
गुलमर्ग-पहलगाम में होटल फुल
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, गुलमर्ग और पहलगाम में लगभग सभी होटल, हटमेंट और होमस्टे पूरी तरह बुक हो चुके हैं। गुलमर्ग के स्की रिसॉर्ट और गोंडोला सवारी के लिए भारी भीड़ देखी जा रही है। कड़ाके की ठंड के बावजूद पर्यटक लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं। वहीं श्रीनगर की डल झील में शिकारा सवारी, शाम के विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्थानीय लोक संगीत ने सैलानियों को खासा आकर्षित किया है।
रिकॉर्ड पर्यटन से स्थानीय कारोबार में रौनक
रिकॉर्ड तोड़ पर्यटन का सीधा फायदा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा है। होटल व्यवसायियों, टैक्सी ऑपरेटरों, हस्तशिल्प कारीगरों और छोटे व्यापारियों के चेहरों पर रौनक लौट आई है। पिछले कुछ वर्षों की तुलना में इस बार विंटर टूरिज्म में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नए साल के मौके पर कई होटलों में सैलानियों के लिए विशेष ‘कश्मीरी वाज़वान’, पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।
बर्फबारी को देखते हुए प्रशासन के पुख्ता इंतजाम
भारी भीड़ और बर्फबारी की संभावना को देखते हुए जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और मजबूत किया है। तंगमर्ग से गुलमर्ग की ओर जाने वाले वाहनों के लिए एंटी-स्किड चेन अनिवार्य कर दी गई है, ताकि फिसलन भरी सड़कों पर दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इसके अलावा, अत्यधिक ठंड को ध्यान में रखते हुए पर्यटन स्थलों और रिसॉर्ट्स में बिजली और पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीमें तैनात की गई हैं।
पर्यटकों के लिए प्रशासन की जरूरी सलाह
प्रशासन ने घाटी में आने वाले पर्यटकों के लिए कुछ अहम सुझाव भी जारी किए हैं-
1. शीतलहर को देखते हुए भारी ऊनी कपड़े और थर्मल वियर साथ रखें
2. यात्रा से पहले होटल बुकिंग और फ्लाइट/ट्रेन का स्टेटस जरूर जांचें
3. घने कोहरे और बर्फबारी के कारण आवाजाही प्रभावित हो सकती है, सतर्क रहें
4. प्रशासन और सुरक्षाबलों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें
सख्त सुरक्षा के बीच जश्न का माहौल
नए साल के जश्न के मद्देनज़र घाटी में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त है। पाकिस्तान से सटी सीमाओं पर बीएसएफ और सेना के जवान लगातार निगरानी और तलाशी अभियान चला रहे हैं। इसके बावजूद, बड़ी संख्या में पर्यटकों के पहुंचने से कश्मीर का पर्यटन क्षेत्र एक बार फिर गुलजार नजर आ रहा है। ठंड, बर्फ और सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच कश्मीर एक बार फिर नए साल के जश्न का गवाह बनने को तैयार है।