साल 2025 में आम लोगों को सबसे बड़ी राहत महंगाई के मोर्चे पर मिली। वर्ष की शुरुआत में जहां खुदरा महंगाई दर (CPI) 4.26% थी, वहीं नवंबर 2025 तक यह घटकर सिर्फ 0.71% पर आ गई। खासतौर पर खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट ने महंगाई को नीचे लाने में अहम भूमिका निभाई। महंगाई के नियंत्रण में आने के बाद RBI ने रेपो रेट में 0.25% की कटौती करते हुए इसे 5.25% कर दिया, जिससे होम लोन और ऑटो लोन सस्ते होने की उम्मीद बढ़ गई है।
बेरोजगारी दर में तेज गिरावट, महिलाओं को अधिक रोजगार
रोज़गार के मोर्चे पर भी 2025 भारत के लिए सकारात्मक साबित हुआ। PLFS (Periodic Labour Force Survey) के अनुसार:
कुल बेरोजगारी दर अक्टूबर के 5.2% से घटकर नवंबर में 4.7% रह गई
ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी घटकर 3.9% पर पहुंची
शहरी महिलाओं में बेरोजगारी 9.7% से घटकर 9.3% हुई
ग्रामीण महिलाओं में सबसे बड़ी गिरावट, जहां यह 4.0% से घटकर 3.4% रह गई
ये आंकड़े बताते हैं कि आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने का सीधा फायदा रोज़गार सृजन को मिला है।
वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत के निर्यात में उछाल
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनौतियों और टैरिफ दबावों के बावजूद भारत का निर्यात लगातार बढ़ रहा है।
नवंबर 2025 में मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट बढ़कर 38.13 बिलियन डॉलर रहा
काजू (64%), मरीन प्रोडक्ट्स (62%) और इंजीनियरिंग गुड्स (17%) में सबसे अधिक वृद्धि
सर्विस एक्सपोर्ट 8.65% की बढ़ोतरी के साथ 270 बिलियन डॉलर के पार
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 686.2 बिलियन डॉलर (₹61 लाख करोड़), जो 11 महीने के आयात के लिए पर्याप्त है
वैश्विक रेटिंग एजेंसियों ने बढ़ाया भारत का ग्रोथ अनुमान
भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रमुख अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी ग्रोथ अनुमान बढ़ाया है:
Fitch: FY26 के लिए 7.4%
ADB: 2025 के लिए 7.2%
IMF: 2025 के लिए 6.6%
Moody’s: भारत को G20 में सबसे तेज़ बढ़ती अर्थव्यवस्था बताया
सरकार का लक्ष्य: 2047 तक उच्च मध्यम-आय वाला देश
केंद्र सरकार ने दोहराया है कि भारत 2047 तक उच्च मध्यम-आय वाला देश बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। सरकार के अनुसार, महंगाई नियंत्रण में है, बेरोजगारी धीरे-धीरे घट रही है, निर्यात और घरेलू मांग में लगातार सुधार हो रहा है, बैंकों से कर्ज़ की उपलब्धता आसान हुई है, शहरी खर्च और उपभोक्ता मांग अर्थव्यवस्था को सहारा दे रही है।
GDP क्या है और इसे कैसे मापा जाता है?
GDP (Gross Domestic Product) किसी देश की आर्थिक सेहत का सबसे बड़ा पैमाना है। यह एक निश्चित समय में देश की सीमा के भीतर उत्पादित सभी वस्तुओं और सेवाओं के कुल मूल्य को दर्शाती है।
GDP के प्रकार
रियल GDP – स्थिर कीमतों (बेस ईयर 2011-12) पर आधारित
नॉमिनल GDP – वर्तमान बाजार कीमतों पर आधारित
GDP का फॉर्मूला
GDP = C + G + I + NX
C = निजी उपभोग
G = सरकारी खर्च
I = निवेश
NX = शुद्ध निर्यात (एक्सपोर्ट – इम्पोर्ट)
साल 2025 ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत वैश्विक आर्थिक शक्ति बनने की दिशा में निर्णायक दौर में प्रवेश कर चुका है। तेज़ GDP ग्रोथ, नियंत्रित महंगाई, घटती बेरोजगारी और मजबूत निर्यात ने भारत को न केवल चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाया, बल्कि आने वाले दशक में शीर्ष तीन में पहुंचने की मजबूत नींव भी रख दी है।