Pakistan New Controversy : जब एक रक्षा मंत्री उद्घाटन करे नकली दुकान का, तो देश की साख का अंदाज़ा खुद लग जाता है। भारत का पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान अक्सर किसी न किसी वजह से अंतरराष्ट्रीय मंच पर चर्चा में रहता है। कभी आतंकवाद को पनाह देने के कारण, कभी आर्थिक बदहाली और भुखमरी की वजह से, तो कभी अपने ही नेताओं के गैर-जिम्मेदाराना बयानों और हरकतों के चलते। लेकिन इस बार पाकिस्तान ने किसी बाहरी आलोचना के बिना ही खुद दुनिया के सामने अपनी हकीकत उजागर कर दी, और वो भी अपने ही रक्षा मंत्री ख्वाजा मुहम्मद आसिफ के जरिए।
फीता कटा, तालियां बजीं और फिर खुल गई पोल
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ सियालकोट कैंटोनमेंट में एक 'पिज़्ज़ा हट' (Pizza Hut) ब्रांडेड आउटलेट का बड़े तामझाम से उद्घाटन करते नज़र आए। फूलों की सजावट थी, फीता काटा गया, तालियां बजीं, कैमरे चमके, और मंत्री मुस्कुराते हुए फोटो खिंचवाते दिखे।
तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए मानो पाकिस्तान में कोई बड़ी उपलब्धि हासिल हो गई हो। लेकिन यह जश्न ज्यादा देर टिक नहीं सका। कंपनी ने खुद कहा 'यह हमारा स्टोर नहीं, फर्जी है'... वीडियो वायरल होने के कुछ ही घंटों बाद 'Pizza Hut Pakistan' को सार्वजनिक रूप से सफाई देनी पड़ी। कंपनी ने साफ शब्दों में कहा कि सियालकोट कैंटोनमेंट में जिस आउटलेट का उद्घाटन किया गया है, उसका Pizza Hut या Yum! Brands से कोई लेना-देना नहीं है।
पिज़्ज़ा हट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह तथाकथित आउटलेट न उनकी रेसिपी का पालन करता है, न क्वालिटी स्टैंडर्ड्स का, न फूड सेफ्टी नियमों का और न ही ऑपरेशनल गाइडलाइंस का। कंपनी ने ट्रेडमार्क के गलत इस्तेमाल को लेकर कानूनी कार्रवाई और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की बात भी कही। यानी जिस दुकान का उद्घाटन पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने किया, वह पूरी तरह फर्जी निकली।
पाकिस्तान की असलियत!
यही वह पाकिस्तान है, जो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे सैन्य अभियानों में दुनिया के सामने जीत के दावे करता नहीं थकता। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि वहां का रक्षा मंत्री एक नकली पिज़्ज़ा हट स्टोर का उद्घाटन करता पकड़ा जाता है। जिस देश का रक्षा मंत्री इतनी बुनियादी जांच किए बिना फर्जी दुकान का फीता काट दे, उस देश के सैन्य दावों, सुरक्षा बयानों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर दिए गए वक्तव्यों की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
बड़ा सवाल: रक्षा मंत्री का काम यही रह गया?
इस पूरे प्रकरण ने एक और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया आख़िर किस देश में रक्षा मंत्री छोटे-मोटे फूड आउटलेट्स का उद्घाटन करता है? क्या पाकिस्तान की रक्षा, सीमाओं की सुरक्षा, आतंकवाद की स्थिति, आर्थिक बदहाली और आंतरिक अस्थिरता इतनी सुलझ चुकी है कि रक्षा मंत्री अब दुकानों के फीते काटने में व्यस्त हैं? या फिर सच्चाई यह है कि पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने सत्ता की पूरी कमान अपने हाथ में ले ली है और वहां के तथाकथित नेताओं, मंत्रियों के पास अब करने को कुछ बचा ही नहीं है।
सेना का कब्ज़ा, नेताओं की बेबसी
आज पाकिस्तान में हालात यह हैं कि असल सत्ता सेना के हाथों में है। प्रधानमंत्री से लेकर मंत्रियों तक, सब सिर्फ नाम के पदों पर बैठे हैं। जब राजनीतिक नेतृत्व को नीतिगत फैसलों से दूर कर दिया जाए, तो फिर मंत्री कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बचकाने बयान देते हैं, तो कभी नकली स्टोर का उद्घाटन करते नज़र आते हैं।
एक पिज़्ज़ा आउटलेट नहीं, पूरी व्यवस्था फर्जी
यह मामला सिर्फ एक फर्जी पिज़्ज़ा हट का नहीं है। यह उस पूरी व्यवस्था का प्रतीक है जहां दिखावा है, बुनियाद खोखली है, और जिम्मेदारी का कोई मतलब नहीं। जिस देश का रक्षा मंत्री इतनी शर्मनाक गलती कर सकता है, उस देश के सैन्य दावे, कूटनीतिक बयान और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रोना-धोना कितना भरोसेमंद होगा यह समझने के लिए अब किसी और सबूत की ज़रूरत नहीं।
पाकिस्तान की हकीकत उजागर
पाकिस्तान की असल समस्या ना सिर्फ आतंकवाद है, ना सिर्फ आर्थिक बदहाली बल्कि एक गैर-जिम्मेदार नेतृत्व है, जो खुद नहीं जानता कि उसे देश चलाना है या कैमरों के सामने तमाशा करना है। और इस बार पाकिस्तान की पोल किसी विदेशी रिपोर्ट ने नहीं, खुद उसके रक्षा मंत्री ने खोल दी।