लेह में बढ़ी वायुसेना की ताकत ; एयरफोर्स स्टेशन पर समानांतर रनवे बनकर तैयार'

29 Jan 2026 11:49:59
 
Leh Airbase runway ready
 
 
चीन और पाकिस्तान की दोहरी सैन्य चुनौती का प्रभावी जवाब देने की दिशा में भारत ने लद्दाख में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। भारतीय वायुसेना के रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण लेह एयरफोर्स स्टेशन पर अब समानांतर रनवे और पांच आधुनिक टैक्सी वेज का निर्माण पूरा हो चुका है। इससे न केवल वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में भारत की त्वरित सैन्य प्रतिक्रिया क्षमता भी पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गई है।
 
 
अब तक लेह एयरफील्ड पर केवल एक सीमित चौड़ाई वाला रनवे होने के कारण विमानों का तीव्र और निरंतर संचालन संभव नहीं था। स्थिति यह थी कि एक विमान के उतरने के बाद, जब तक वह टैक्सी वे में जाकर खड़ा न हो जाए, तब तक दूसरा विमान लैंड नहीं कर सकता था। युद्ध या आपात स्थिति में यह देरी गंभीर रणनीतिक चुनौती बन सकती थी। लेकिन अब यह बाधा पूरी तरह समाप्त हो गई है।
 
 
एक के बाद एक उतरेंगे सैन्य विमान
 
 
समानांतर रनवे के निर्माण के बाद अब लेह एयरफील्ड पर चंद मिनटों के अंतराल में कई बड़े सैन्य विमान उतर सकेंगे। इसका सीधा लाभ यह होगा कि युद्ध जैसी स्थिति में वायुसेना के भारी मालवाहक विमान—जैसे C-17 ग्लोबमास्टर और C-130 हरक्यूलिस - बिना समय गंवाए सैनिकों, हथियारों, टैंकों, तोपों और अन्य सैन्य साजो-सामान को तेजी से लद्दाख पहुंचा सकेंगे। इसी तरह अब उड़ान भरने वाले विमानों के लिए भी निर्बाध व्यवस्था सुनिश्चित हो गई है। समानांतर रनवे और टैक्सी वेज के कारण एक साथ लैंडिंग और टेकऑफ संभव हो सका है, जिससे एयरबेस की कुल ऑपरेशनल क्षमता में ऐतिहासिक बढ़ोतरी हुई है।
 
 
 
 
 
फाइटर जेट्स की त्वरित तैनाती भी होगी आसान
 
 
यह सुविधा केवल मालवाहक विमानों तक सीमित नहीं है। अब लेह एयरफील्ड से फाइटर विमानों का भी त्वरित और निरंतर संचालन संभव होगा। इससे वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) और नियंत्रण रेखा (LoC) पर निगरानी, एयर पेट्रोलिंग और किसी भी आकस्मिक सैन्य स्थिति का जवाब देने में भारतीय वायुसेना को निर्णायक बढ़त मिलेगी।
 
 
बुधवार को वायुसेना ने अपने अत्याधुनिक मालवाहक विमान C-130 हरक्यूलिस को नए रनवे पर उतारकर इस सुविधा का औपचारिक संचालन शुरू कर दिया। इस अवसर पर लद्दाख के उपराज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने वेस्टर्न एयर कमांड के सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर एयर मार्शल जे.ए. मान की मौजूदगी में रनवे और टैक्सी वेज का लोकार्पण किया।
 
 
क्यों अहम है लेह एयरफील्ड
 
 
लेह एयरफील्ड का महत्व केवल सैन्य नहीं, बल्कि सामरिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी अत्यंत व्यापक है। यह एयरफील्ड पाकिस्तान से लगती नियंत्रण रेखा (LoC) और चीन से लगती वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) दोनों के बेहद निकट स्थित है। यहां से सीमावर्ती इलाकों में सतत निगरानी और त्वरित सैन्य आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है।
 
 
यह दुनिया के सबसे ऊंचाई पर स्थित हवाई अड्डों में से एक है, जहां से अत्यंत कठिन भौगोलिक और मौसमीय परिस्थितियों के बावजूद संचालन किया जाता है। सर्दियों के दौरान, जब सड़क मार्ग बंद हो जाते हैं, तब यही एयरफील्ड लद्दाख की जीवनरेखा बनता है चाहे वह आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति हो, सैन्य लॉजिस्टिक्स हो या फिर पर्यटन आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था को सहारा देना।
 
 
स्पष्ट संदेश: भारत हर चुनौती के लिए तैयार
 
 
लेह एयरफोर्स स्टेशन पर समानांतर रनवे का संचालन शुरू होना केवल एक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजना नहीं है, बल्कि यह भारत के रणनीतिक इरादों और सैन्य तैयारी का स्पष्ट संदेश है। चीन और पाकिस्तान की किसी भी संयुक्त या अलग-अलग चुनौती का सामना करने के लिए भारत अब पहले से कहीं अधिक सक्षम, तेज और निर्णायक स्थिति में है। लद्दाख में वायुसेना की यह मजबूती न केवल सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि भारत अब हर मोर्चे पर तैयार, सतर्क और आत्मनिर्भर है। 
 
 
 
Powered By Sangraha 9.0