बलूचिस्तान में हालात बेकाबू: ‘ऑपरेशन हेरोफ 2.0’ के बाद गृहयुद्ध जैसे हालात, BLA के आगे बेबस दिखी मुनीर सेना

31 Jan 2026 15:57:45
 
Pakistan BLA Attack on quetta
 
 
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में सुरक्षा हालात तेज़ी से नियंत्रण से बाहर होते दिखाई दे रहे हैं।'बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी' (BLA) द्वारा “ऑपरेशन हेरोफ 2.0” की घोषणा के बाद पूरे प्रांत में व्यापक हिंसा फैल गई है। बीते कुछ घंटों के भीतर बलूचिस्तान के कम से कम 12 प्रमुख शहरों से गोलीबारी, विस्फोट, सुरक्षा ठिकानों पर हमलों और कब्ज़े की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे हालात गृहयुद्ध जैसे बनते जा रहे हैं।
 
 
क्वेटा सबसे ज़्यादा प्रभावित, शहर में लगातार धमाके
 
 
प्रांतीय राजधानी क्वेटा इस हिंसा का केंद्र बन गई है। शहर के कई इलाकों में लगातार धमाकों और भारी फायरिंग की आवाजें सुनी जा रही हैं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सरियाब न्यू पुलिस स्टेशन और ईस्टर्न बाईपास पुलिस स्टेशन पर सशस्त्र लड़ाकों ने कब्ज़ा कर लिया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए क्वेटा के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में आपातकाल (Emergency) घोषित कर दिया गया है। क्वेटा की एग्रीकल्चर कॉलोनी स्थित सैन्य छावनी के आसपास पाकिस्तानी सेना और विद्रोहियों के बीच भीषण मुठभेड़ जारी है। हालात पर नजर रखने के लिए सेना के हेलीकॉप्टर लगातार हवाई गश्त कर रहे हैं।
 
 
 
 
 
नसीराबाद और नुश्की में भारी नुकसान
 
 
क्वेटा के अलावा नसीराबाद और नुश्की जिलों से भी बेहद गंभीर खबरें आ रही हैं। सूत्रों का दावा है कि नसीराबाद शहर पर BLA का प्रभावी नियंत्रण बन गया है, जहां ISI मुख्यालय और पाकिस्तानी सेना के कैंप को निशाना बनाकर भारी गोलाबारी की गई। वहीं नुश्की में काउंटर टेररिज़्म डिपार्टमेंट (CTD) के कम से कम 8 कर्मियों के मारे जाने की सूचना है। यहां की केंद्रीय जेल पर भी हमला किया गया, जिसके बाद कई कैदियों के फरार होने की खबरें हैं।
 
 
ग्वादर और तटीय इलाकों में भी हमले
 
 
रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण ग्वादर शहर भी हिंसा की चपेट में है। यहां खुफिया एजेंसियों के ठिकानों और एक प्रमुख PC होटल पर हमले की सूचना मिली है। पसनी में कोस्ट गार्ड कैंप पर VBIED (विस्फोटकों से लदे वाहन) के ज़रिए हमला किया गया, जिसके बाद लड़ाकों के अंदर घुसने की खबरें हैं। इसके अलावा कोस्टल हाईवे को निशाना बनाकर सुरक्षा बलों की आवाजाही बाधित कर दी गई है, जिससे पूरा तटीय इलाका लगभग शेष पाकिस्तान से कट गया है।
 
 
 
 
 
संचार व्यवस्था ध्वस्त, रेलवे बंद
 
 
बढ़ती हिंसा के बीच पूरे बलूचिस्तान में रेलवे सेवाएं अनिश्चितकाल के लिए निलंबित कर दी गई हैं। कई शहरों में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं ठप हो चुकी हैं। कलात, मस्तुंग, दालबंदिन, खारान, तुमप और बुलेदा जैसे क्षेत्रों में तनाव चरम पर बताया जा रहा है। तुमप से सुरक्षा बलों के पीछे हटने की अपुष्ट लेकिन चिंताजनक खबरें भी सामने आ रही हैं।
 
 
खुफिया और ऊर्जा ढांचे को भी निशाना
 
 
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना की मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) के कार्यालयों और कई ग्रिड स्टेशनों को भी हमलों में गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिससे स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।
 
 
हमलों में BLA की विशेष यूनिटें शामिल 
 
 
सुरक्षा सूत्रों का कहना है कि इन समन्वित हमलों में BLA की सबसे सक्रिय और प्रशिक्षित इकाइयों की भूमिका बताई जा रही है, जिनमें:
 
मजीद ब्रिगेड (फिदायीन यूनिट)
 
फतेह स्क्वाड (शहरी कब्ज़ा इकाई)
 
STOS स्पेशल टैक्टिकल ऑपरेशंस स्क्वाड शामिल बताई जा रही हैं।
 
पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल
 
 
हमलों का पैमाना, एक साथ कई शहरों में कार्रवाई और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाना पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थिति जिस तेज़ी से बिगड़ रही है, उससे यह आशंका गहराती जा रही है कि बलूचिस्तान देश के अन्य हिस्सों से पूरी तरह कट सकता है। फिलहाल पाकिस्तानी सेना और प्रशासन स्थिति को काबू में लाने में पूरी तरह से विफल हैं। BLA के आगे मौलाना मुनीर की सेना सरेंडर करती नजर आ रही है।    
 
 
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