9/11 जैसी आतंकी साजिश को नाकाम करने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार की कहानी
02-अक्तूबर-2026
Total Views |
यह कहानी है एक भारतीय कैप्टन की, जिसने 35 हजार फीट की ऊंचाई पर करीब 174 जिंदगियों के लिए लड़ाई लड़ी, कैप्टन स्मित मच्छार.
वो फ्लाई दुबई की एक फ्लाइट से दुबई से तेल अवीव जा रहे थे, उस दौरान कॉकपिट के अंदर जो घटा, उसे एविएशन के इतिहास में सबसे असाधारण साहस के पलों में से एक कहा जा सकता है.
उनके को-पायलट ने उन पर हमला किया, चाकू से. वो बुरी तरह घायल हो गए. खून बहने लगा. विमान से कंट्रोल कम हुआ, तो वो भयानक तेजी से नीचे गिरा. महज 30 सेकंड में 14 हजार फीट. लेकिन कैप्टन मच्छार ने हार नहीं मानी. गंभीर रूप से घायल होने और खून से लथपथ होने के बावजूद उन्होंने संघर्ष किया, और जब हालत बिगड़ने लगे, तो किसी तरह कोशिश करके कॉकपिट का दरवाजा अंदर से खोल दिया. ताकि यात्री और क्रू मेंबर्स बीच-बचाव कर सकें. उन्होंने किया भी.
गनीमत थी कि फ्लाइट में कुछ ऑफ-ड्यूटी पायलट भी थे. वे आगे आए और विमान का नियंत्रण वापस हासिल किया. फ्लाइट को डायवर्ट किया और सऊदी अरब के तबुक में उसकी सुरक्षित लैंडिंग कराई गई. फ्लाइट में सवार सभी लोग, जो कि ज्यादातर इजरायली थे, सुरक्षित बचा लिये गए.
ऐसा संभव हो पाया, केवल एक भारतीय पायलट के साहस के चलते.
ये कहानी एविएशन के लोगों को सदियों तक प्रेरित करेगी. कॉकपिट में बैठा पायलट सवारियों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए किस हद तक जा सकता है. खासकर तब जब हर सेकंड मायने रखता है. बहादुरी का यह किस्सा हवा में लिखा गया. सऊदी अरब और जॉर्डन की सीमा के आसपास कहीं.
गर्व की बात यह है कि स्मित भारतीय है, वो गुजरात के रहने वाले हैं. और वर्तमान में उनका कार्यक्षेत्र मुंबई और दुबई है. वे 13 से ज्यादा साल का कमर्शियल एविएशन अनुभव रखते हैं. उन्होंने अब तक 9, 700 से ज्यादा घंटे विमान उड़ाया है. दुबई की फ्लाई दुबई कंपनी में काम करने से पहले वे करीब 11 साल तक मुंबई की एक निजी एविएशन कंपनी में सेवाएं दे चुके हैं.
पूरा इजरायल उनका शुक्रिया अदा कर रहा है. आम लोगों से लेकर नेता तक हर किसी की जुबां पर भारत है. भारत का एक पायलट है. जिसने इजरायल को एक बड़े आतंकी हमले से बचा लिया.
सोचिए अगर को-पायलट, लादेन 2.0, अपने मंसूबों में कामयाब हो जाता, तो इसका अंजाम क्या हो सकता था !
ये क्यों किया गया, इसके पीछे कौन है ?, इजरायल कुछ भी सार्वजनिक करने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है.
लेकिन इजरायल के साथ-साथ हमें, और पूरी दुनिया वालों को यह नहीं भूलना चाहिए कि जब एक घृणित, जिहादी मानसिकता वाले शख्स ने 174 लोगों की जान लेने की कोशिश की, तब कोई उससे वहीं टकरा गया था. हवा में. 35 हजार फीट की ऊंचाई पर. और वो एक भारतीय था. वो पूरी दुनिया का हीरो है. कैप्टन स्मित मच्छार, द सेवियर. जम्मू कश्मीर नाऊ दिल्ली