
नई दिल्ली : 5 अक्टूबर को श्रीनगर एयरपोर्ट से वायुसेना के एक विशेष विमान ने उड़ान भरी, पश्चिम बंगाल के बागडोगरा के लिए.
लेकिन ये कोई नॉर्मल उड़ान नहीं थी, क्योंकि इसमें सवार थे 150 बांग्लादेशी, जो जम्मू-कश्मीर में अवैध रूप से रह रहे थे.
अब इन सभी को BSF के हवाले कर दिया गया है, जहां से इन्हें बांग्लादेश वापस भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. यह जम्मू-कश्मीर में इस स्तर की पहली बड़ी सार्वजनिक रूप से देखी गई कार्रवाई है. इतना ही नहीं, इतनी ही संख्या में अवैध बांग्लादेशियों का एक और ग्रुप 7 अक्टूबर को डिपोर्ट किया जाना है.
बता दें कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और प्रशासन ने कश्मीर में करीब 600 अवैध बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की है, जिसके बाद यह एक्शन लिया गया है.
दरअसल गृह मंत्रालय ने सीमावर्ती इलाकों में गैर-कानूनी प्रवास और डेमोग्राफिक बदलाव से जुड़े मामलों की जांच के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया था. इस कमेटी के दौरे के दौरान सरकार ने जो आंकड़े सामने रखे, उनके मुताबिक जम्मू-कश्मीर में 7,656 रोहिंग्या और 504 बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान की गई थी.
बात करें अगर अकेले जम्मू संभाग की, तो यहां 6,737 रोहिंग्या और 46 बांग्लादेशी नागरिक मिले, जबकि कश्मीर में यह संख्या क्रमशः 919 और 458 है.
इसी के साथ अब जम्मू-कश्मीर में अवैध घुसपैठियों को चरणबद्ध तरीके से देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसके बाद प्रशासन की नजर है अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं पर. जैसा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहले ही साफ तौर पर कह चुके हैं कि देश में एक-एक घुसपैठिये को चिह्नित कर बाहर खदेड़ा जाएगा.
अब वो दिन दूर नहीं जब जम्मू-कश्मीर आतंकवादियों और घुसपैठियों से मुक्त घोषित किया जाएगा. जम्मू कश्मीर नाऊ, दिल्ली.