काव्या मारन को भारी पड़ा पाकिस्तान प्रेम ; सनराइजर्स लीड्स का 'X' अकाउंट हुआ सस्पेंड, जानें वजह

    13-मार्च-2026
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Kavya maran abrar ahamad pakistan
 
Sports News : इंग्लैंड की लोकप्रिय फ्रेंचाइजी क्रिकेट लीग 'The Hundred' के आगामी 2026 सीजन के लिए 12 मार्च को आयोजित ऑक्शन ने एक बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। भारतीय स्वामित्व वाली टीम 'Sunrisers Leeds' ने पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद "Abrar Ahmed" को खरीद लिया, जिसके बाद भारतीय क्रिकेट फैंस में नाराज़गी की लहर देखने को मिल रही है।
 
 
इस ऑक्शन के दौरान टीम की सह-मालकिन काव्या मारन 'Kavya Maran' स्वयं ऑक्शन टेबल पर मौजूद थीं। उन्होंने अबरार अहमद के लिए बोली लगाई और अंततः लगभग 2.55 लाख अमेरिकी डॉलर (करीब 2.32 करोड़ रुपये) की कीमत देकर उन्हें टीम में शामिल कर लिया। लेकिन जैसे ही यह खबर सामने आई, सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया और बड़ी संख्या में भारतीय फैंस ने इस फैसले की आलोचना शुरू कर दी।
 
 
 
 
 
ऑप. सिंदूर के दौरान दिए थे भारत विरोधी बयान
 
 
विवाद की सबसे बड़ी वजह यह है कि पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद पहले भी भारत विरोधी बयानों के कारण चर्चा में रह चुके हैं। विशेष रूप से ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया पर भारतीय सेना के खिलाफ कई विवादित टिप्पणियाँ और पोस्ट की थीं।
 
 
भारतीय फैंस का कहना है कि ऐसे खिलाड़ी को किसी भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी द्वारा खरीदना देश की भावनाओं को आहत करने जैसा है। यही कारण है कि ऑक्शन के बाद से सोशल मीडिया पर सनराइजर्स फ्रेंचाइजी और उसकी मालकिन काव्या मारन को तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है।
 
 
सनराइजर्स लीड्स का 'X' अकाउंट सस्पेंड
 
 
विवाद के बीच एक और दिलचस्प घटनाक्रम सामने आया। आलोचनाओं के बीच अचानक X पर सनराइजर्स लीड्स का आधिकारिक अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑक्शन के बाद रात करीब 2 बजे टीम का X अकाउंट सस्पेंड हो गया। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि अकाउंट को किस कारण से सस्पेंड किया गया। सामान्य तौर पर X उन अकाउंट्स पर कार्रवाई करता है जो उसके नियमों और नीतियों का उल्लंघन करते हैं। अकाउंट सस्पेंड होने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा और तेज हो गई और कई यूजर्स इसे पूरे विवाद से जोड़कर देख रहे हैं।
 
 
अबरार अहमद ‘द हंड्रेड’ में किसी भी भारतीय स्वामित्व वाली टीम द्वारा खरीदे गए पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए हैं। यही कारण है कि यह फैसला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। भारतीय क्रिकेट फैंस का मानना है कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और सैन्य तनाव का इतिहास रहा है, और कई पाकिस्तानी खिलाड़ी सार्वजनिक रूप से भारत विरोधी बयान दे चुके हैं, तब ऐसे खिलाड़ी को खरीदना एक संवेदनशील मुद्दा बन जाता है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने यह सवाल भी उठाया है कि क्या फ्रेंचाइजी अब बढ़ते दबाव के बीच अबरार अहमद को रिलीज करेगी या नहीं।
 
 
 
 
 
पहले भी हो चुका है ऐसा विवाद
 
 
यह पहली बार नहीं है जब किसी भारतीय स्वामित्व वाली टीम को विदेशी खिलाड़ी को लेकर विवाद का सामना करना पड़ा हो। इससे पहले Indian Premier League (IPL) में भी एक ऐसा मामला सामने आया था। जब 'Kolkata Knight Riders' ने बांग्लादेशी खिलाड़ी शकीब अल हसन 'Shakib Al Hasan' को टीम में शामिल किया था, तब भी सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना हुई थी। उस समय भी कई फैंस ने आरोप लगाया था कि कुछ खिलाड़ियों के राजनीतिक बयानों और रुख को नजरअंदाज कर दिया गया। अब उसी तरह का विवाद एक बार फिर देखने को मिल रहा है, लेकिन इस बार मामला पाकिस्तान से जुड़े खिलाड़ी का है, इसलिए प्रतिक्रिया और ज्यादा तीखी दिखाई दे रही है।
 
 
कोच डेनियल विटोरी ने दी सफाई
 
 
इस पूरे विवाद के बीच टीम के कोच Daniel Vettori ने अबरार अहमद को खरीदने के फैसले पर सफाई दी है। उन्होंने बताया कि ऑक्शन से पहले टीम मैनेजमेंट ने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से अबरार अहमद के प्रदर्शन के बारे में राय ली थी। उन्हीं फीडबैक के आधार पर उन्हें टीम में शामिल करने का फैसला किया गया। विटोरी ने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रेंचाइजी के अंदर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेने या न लेने को लेकर कोई विशेष बैठक नहीं हुई थी। उनके अनुसार यह निर्णय पूरी तरह क्रिकेटिंग कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया गया।
 
 
अब सबसे बड़ा सवाल
 
 
फिलहाल यह पूरा विवाद सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ टीम प्रबंधन इसे केवल क्रिकेटिंग निर्णय बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारतीय फैंस इसे देश की भावनाओं से जुड़ा मुद्दा मान रहे हैं। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या बढ़ते दबाव के बीच सनराइजर्स फ्रेंचाइजी अपने फैसले पर कायम रहेगी या फिर भविष्य में कोई बड़ा कदम उठाया जाएगा।