भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन इस महीने के अंत में जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर पहुंचेंगे। जनवरी में पार्टी की कमान संभालने के बाद यह उनका केंद्र शासित प्रदेश का पहला दौरा होगा, जिसे संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अपने इस दौरे के दौरान नबीन दो दिन जम्मू संभाग में बिताएंगे, जबकि एक दिन कश्मीर घाटी में रहकर पार्टी की गतिविधियों और रणनीतियों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान वे जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से संवाद कर संगठन को और मजबूत बनाने पर जोर देंगे।
कश्मीर घाटी में बड़े सम्मेलन की तैयारी
सूत्रों के अनुसार, इस दौरे में पार्टी के वरिष्ठ राष्ट्रीय पदाधिकारी और जम्मू-कश्मीर प्रभारी भी उनके साथ रहेंगे। वहीं, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, बीजेपी के तीन सांसद, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा भी विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इसी बीच, पार्टी कश्मीर घाटी में शांति और सकारात्मक संदेश देने के लिए श्रीनगर में एक बड़े सम्मेलन की भी तैयारी कर रही है।
इस मेगा मीटिंग की तारीखें अभी तय नहीं हुई हैं, लेकिन माना जा रहा है कि यह बैठक देश के पांच राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही चुनाव प्रक्रिया के बाद आयोजित की जा सकती है। नितिन नबीन का यह दौरा 27 अप्रैल के बाद कभी भी हो सकता है, जब पश्चिम बंगाल जैसे संवेदनशील राज्य में चुनाव प्रचार का अंतिम चरण समाप्त होगा। यह यात्रा न केवल राजनीतिक रूप से अहम है, बल्कि आगामी रणनीतियों की दिशा भी तय कर सकती है।
जम्मू कश्मीर में BJP दूसरी सबसे बड़ी पार्टी
वर्तमान में जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बीजेपी 29 विधायकों के साथ दूसरी सबसे बड़ी पार्टी है, जबकि नेशनल कॉन्फ्रेंस 42 विधायकों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है। कांग्रेस के 6 और पीडीपी के 4 विधायक हैं। बीजेपी ने अपने सभी सीटें जम्मू संभाग से जीती हैं, जबकि कश्मीर घाटी में पार्टी को अभी भी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की चुनौती है।
अपने दौरे के दौरान नबीन पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करेंगे और बतौर प्रमुख विपक्षी दल बीजेपी की भूमिका को और प्रभावी बनाने की रणनीति पर चर्चा करेंगे। साथ ही, आगामी चुनावों में पार्टी को सत्ता तक पहुंचाने के रोडमैप पर भी मंथन होगा।
बताया जा रहा है कि नबीन सिर्फ जम्मू और श्रीनगर तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि अन्य क्षेत्रों का भी दौरा कर कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे। इसके अलावा, विधानसभा में लंबे समय से खाली पड़े पांच नामित सीटों के मुद्दे पर भी चर्चा होने की संभावना है, जिन्हें लेकर पार्टी के भीतर सक्रियता देखी जा रही है। कुल मिलाकर, नितिन नबीन का यह पहला जम्मू-कश्मीर दौरा बीजेपी के लिए संगठनात्मक मजबूती, राजनीतिक विस्तार और आगामी रणनीति तय करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।