पाकिस्तान से एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्यों में शामिल और अमेरिका द्वारा वैश्विक आतंकवादी घोषित मौलाना आमिर हमजा पर लाहौर में जानलेवा हमला हुआ है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अज्ञात बंदूकधारियों ने उस समय फायरिंग की जब वह एक वाहन में यात्रा कर रहा था। बताया जा रहा है कि उसके साथ रिटायर्ड जस्टिस नज़ीर अहमद गाज़ी भी मौजूद थे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में आमिर हमजा को गोली लगी है। कुछ सूत्रों ने दावा किया है कि उसके हाथ में गोली लगी, जबकि अन्य रिपोर्ट्स में कई गोलियां लगने की बात कही गई है। हमले के तुरंत बाद उसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। यानि किसी भी वक्त कुछ भी हो सकता है।
पहले भी हो चुका है हमला
सूत्रों के अनुसार, आमिर हमजा पर वर्ष 2025 में भी हमला हुआ था। हालाँकि उस हमले में भी वह जिन्दा बच गया था। लिहाजा अब एक बार फिर उस पर फायरिंग ने पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी नेटवर्कों के भीतर खलबली मचा दी है। अज्ञात हमलावरों द्वारा लगातार आतंकियों को बनाए जा रहे निशाने के बाद पाकिस्तान में बैठे आतंकी और आकाओं में भय का माहौल है। ना सिर्फ आतंकी बल्कि उनका पालन पोषण करने वाली ISI भी अपने आतंकियों को सुरक्षा देने और अज्ञात हमलावरों को लेकर कोई भी महत्वपूर्ण कदम उठाने में असफल है।
कौन है आमिर हमजा?
आमिर हमजा लंबे समय से पाकिस्तान आधारित आतंकी ढांचे का प्रमुख चेहरा माना जाता रहा है। वह लश्कर-ए-तैयबा के शुरुआती नेताओं में गिना जाता है और संगठन के लिए फंडिंग, भर्ती तथा संपर्क साधने जैसे कामों में सक्रिय रहा है। उसे हाफिज सईद का करीबी भी माना जाता रहा है। अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने उसे वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था। भारत में हुए कई आतंकी हमलों से जुड़े नेटवर्कों में भी उसका नाम सामने आता रहा है।
लश्कर से दूरी, फिर अलग गुट ?
पाकिस्तान में यह दावा किया जाता रहा है कि पिछले कुछ वर्षों में वह लश्कर से सक्रिय रूप से जुड़ा नहीं था। 2018 में जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद उसकी संगठन से दूरी बढ़ी थी। बाद में उसने कथित तौर पर ‘जैश-ए-मनकफा’ नाम से अलग गुट बनाया। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि उसका संपर्क पुराने नेटवर्क से बना रहा। हाफीज सईद का करीबी होने के कारण भारत में होने वाले अनेकों आतंकी घटनाओं में भी उसकी संलिप्तता रही है।
पाकिस्तान में अज्ञात हमलावरों के निशाने पर आतंकी
बीते दो वर्षों की अगर हम बात करें तो पाकिस्तान में कई वांछित आतंकियों और आतंकी संगठनों से जुड़े चेहरों पर अज्ञात हमलावरों द्वारा हमले हुए हैं। कई मामलों में गोली मारकर हत्या की गई, जबकि कुछ मामलों में बम धमाके या लक्षित हमले हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 2024 से 2026 के बीच पाकिस्तान में कम से कम 20 से 30 ऐसे हाई-प्रोफाइल आतंकी तत्व मारे गए या हमलों का शिकार हुए हैं। इनमें लश्कर, जैश, हिज्बुल और खालिस्तानी नेटवर्क से जुड़े नाम भी शामिल रहे हैं।
बदलता समीकरण
जिस धरती को कभी आतंकियों के सुरक्षित ठिकाने के रूप में देखा जाता था, वहीं अब उन्हीं चेहरों पर लगातार हमले हो रहे हैं। आमिर हमजा पर हमला पाकिस्तान के लिए केवल एक सुरक्षा घटना नहीं, बल्कि उसके आतंकी इकोसिस्टम में बढ़ती अस्थिरता का संकेत माना जा रहा है।