जो मसूद अजहर कभी भारत को धमकियां देता था, वही ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपने साथियों को लिखे पत्रों में टूटता और बिखरता नजर आ रहा है। ऑपरेशन सिंदूर के बारे में पाकिस्तान जो मर्जी दावा करे, लेकिन सच्चाई ये है कि भारतीय सेना के इस संयुक्त ऑपरेशन में सीमा पार आतंक और आतंक के आकाओं की कमर बुरी तरह टूट गई थी.
इसका एक और सबूत सामने आया है, हमले के तुरंत बाद जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर द्वारा अपने साथियों को लिखे गए पत्र.
इन पत्रों में वो जार-जार रोता हुआ अपने साथियों को बता रहा है, कि बहावलपुर स्थिति 'मरकज-ए-सुभान अल्लाह' जोकि जैश का हेडक्वार्टर था, वहां हुए भारतीय ऐयर स्ट्राइक में वो पूरी तरह बर्बाद हो चुका है. उसका सारा परिवार और करीबी साथी मारे गए हैं.
कौन-कौन मारा गया-
-मसूद अजहर की बड़ी बहन, बहनोई, भतीजा, भतीजे की पत्नी, भतीजी, और पांच बच्चों समेत चार अन्य साथी
इन पत्रों में ही आतंक के सरगना ने कबूल किया है कि एयर स्ट्राइक के बाद-
-संगठन के लोगों में डर का माहौल है
-नई भर्ती और फंडिंग पर भी बुरा असर पड़ा है
अपने पत्रों में मसूद अजहर लिखता है कि उसकी बड़ी बहन और बहनोई भी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे. उसकी बहन तो हमेशा शहादत के लिए दुआ करती थी. सभी बच्चे भी इस्लामी शिक्षा ले रहे थे.
इतना ही नहीं इन पत्रों में बेहद डरा और रोता नजर आ रहा मसूद अजहर पाकिस्तान से अपील भी करता है कि वो भारत से इस हमले का बदला ले...हालांकि पाकिस्तान ने जो किया, और फिर उसका जो अंजाम उसे भुगतना पड़ा, वो सारी दुनिया देख चुकी है.
बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने पहचान पूछकर 25 निर्दोष हिंदू पर्यटकों समेत 26 लोगों की हत्या कर दी थी. इस बर्बर आतंकी हमले के जवाब में सीमा पार आतंकवाद को कुचलने के लिए भारत सरकार ने 6-7 मई 2025 की मध्यरात्रि को ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था.जिसमें लश्कर और जैश से जुड़े कुल 9 प्रमुख आतंकी ठिकानें ध्वस्त हुए थे...