आजादी के 8 दशक: बदहाल POJK बनाम विकसित जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान से अपना हक़ मांग रहे प्रदर्शनकारी

    15-अगस्त-2026
Total Views |
 
pojk protest
 Ai Image 
 
 
POJK Protest : पाकिस्तानी सेना के दमन के बावजूद पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (POJK) में 70 दिनों से अधिक समय से जारी विरोध प्रदर्शनों की आग थमने का नाम नहीं ले रही है। महंगी बिजली, बढ़ती कीमतों, बुनियादी सुविधाओं की कमी और सरकारी उपेक्षा के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब पाकिस्तान के शासन और उसकी नीतियों के खिलाफ खुली नाराजगी में बदल चुका है। आंदोलन से जुड़े नेता अब POJK की तुलना जम्मू-कश्मीर से करते हुए पाकिस्तान के विकास के दावों की पोल खोल रहे हैं।
 
 
POJK में अस्पतालों की बदहाली पर पाकिस्तानी को घेरा
 
 
JAAC के प्रमुख नेताओं में शामिल सरदार उमर नजीर ने एक रैली को संबोधित करते हुए POJK की स्वास्थ्य व्यवस्था पर पाकिस्तान सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने कहा कि 8 दशकों के बावजूद POJK में एक भी ऐसा अस्पताल नहीं है, जहां लोगों को ठीक से इलाज मिल सके। उमर नजीर ने POJK की तुलना जम्मू-कश्मीर से करते हुए कहा कि ‘जम्मू-कश्मीर में छह सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल हैं, जहां ऐसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हैं, जो पाकिस्तान के बड़े अस्पतालों में भी नहीं हैं।'
 
 
 
 
 
नजीर ने श्रीनगर और जम्मू के अस्पतालों का जिक्र करते हुए कहा कि ‘इन अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाएं पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS), रावलपिंडी इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी (RIC) और कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) से भी बेहतर हैं।‘ उमर नजीर ने कहा कि ‘सोशल मीडिया के दौर में अब सच्चाई छिपाई नहीं जा सकती। उन्होंने दावा किया कि भारत के जम्मू-कश्मीर में आम लोगों को अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है और वहां चिकित्सा व्यवस्था इतनी बेहतर है कि मरीजों को इलाज के लिए दिल्ली रेफर कराने की जरूरत तक नहीं पड़ती।‘
 
 
‘हमारे अस्पताल सिर्फ रेफर सेंटर बन गए हैं’
 
 
POJK की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली पर बेहद तीखे शब्दों में कहा, “हमारे अस्पताल रेफर सेंटर हैं, जो भी आता है उसको रेफर किया जाता है।” उन्होंने पाकिस्तान के हुक्मरानों पर भी सीधा हमला बोला और कहा कि जो लोग अपने अधिकारों और सुविधाओं की मांग कर रहे हैं, उन्हें ही आतंकवादी करार दिया जाता है। उनके मुताबिक, हुक्मरानों का इरादा अपने ही लोगों को दबाने और मरवाने का है।
 
 
 
 
 
पाकिस्तानी सेना और ISI पर लगाए गंभीर आरोप
 
 
इसी बीच अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) से जुड़े नेता इम्तियाज़ असलम ने भी पाकिस्तान सरकार और ISI पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने POJK के व्यापारियों से अपील की कि पाकिस्तानी सेना की बर्बरता के विरोध में पूरे POJK में तत्काल इनकम टैक्स देना बंद किया जाए।
 
 
 
 
 
वहीं, JAAC के एक नेता सरदार अमान खान ने पाकिस्तान की सेना और उसकी खुफिया एजेंसी ISI पर कश्मीरियों को आतंकवाद की आग में झोंकने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कश्मीरियों के हाथों में हथियार ISI ने थमाए और बाद में उन्हीं कश्मीरियों को आतंकवादी कहा गया। उन्होंने बेहद तीखे अंदाज में कहा, “असली दहशतगर्द पाकिस्तान की फौज और उसके जनरल हैं। अब फ़ौज ये बताये कि वो POJK से बाहर कब जाएगी।”
 
 
 
 
दो महीने से ज्यादा समय से धधक रहा POJK
 
 
POJK में पिछले दो महीने से ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शन जारी हैं। शुरुआत बढ़ती महंगाई, महंगी बिजली और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों से हुई थी, लेकिन अब आंदोलन पाकिस्तान के शासन, सेना और वहां की व्यवस्था के खिलाफ व्यापक आक्रोश में बदल गया है। प्रदर्शनकारी अब दुनिया भर से इस मामले में दखल देने और न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
 
 
 
 
 
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तान दशकों से PojK के संसाधनों का इस्तेमाल करता रहा, लेकिन स्थानीय लोगों को बुनियादी सुविधाओं तक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। पाकिस्तानी सेना द्वारा प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के बाद गुस्सा और बढ़ गया है। आर्मी चीफ मुनीर के इशारों पर अब तक पाकिस्तानी फ़ौज ने 400 से भी अधिक प्रदर्शनकारियों को मौत के घाट उतार दिया है, जबकि हजारों लोग गिरफ्तार और लापता हैं।