
Delhi : चीन ने 'पीपुल्स लिबरेशन आर्मी' (PLA) के पूर्व वेस्टर्न थिएटर कमांडर जनरल झाओ जोंगकी को देश की शीर्ष राजनीतिक सलाहकार संस्था से हटा दिया है। झाओ 2017 के डोकलाम विवाद और 2020 में पूर्वी लद्दाख के गलवान झड़प के दौरान वेस्टर्न थिएटर कमांड की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
चीन की वेस्टर्न थिएटर कमांड तिब्बत, शिनजियांग और भारत से लगी चीन की सीमा के बड़े हिस्से में सैन्य गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालती है। इसलिए झाओ को हटाए जाने की कार्रवाई भारत के लिहाज से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
डोकलाम और गलवान के समय संभाली कमान
2017 में डोकलाम में भारतीय और चीनी सैनिक करीब 72 दिनों तक आमने-सामने रहे थे। उस समय झाओ वेस्टर्न थिएटर कमांड के प्रमुख थे। इसके बाद 2020 में पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ा। जून 2020 में गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें भारत के 20 जवान वीरगति को प्राप्त हुए।
जबकि चीन के सैंकड़ों फौजी मारे गए थे। हालांकि चीन ने इस दौरान अपने चार सैनिकों की मौत की आधिकारिक पुष्टि की थी। जबकि, चीनी सेना के वास्तविक नुकसान को लेकर अलग-अलग रिपोर्ट और आकलन सामने आए हैं। 2020 में अमेरिकी खुफिया आकलन का हवाला देते हुए कुछ रिपोर्टों में यह बात सामने आई थी कि गलवान में चीनी कार्रवाई को झाओ की मंजूरी मिली थी।
तीन पदों से हटाया गया
26 अगस्त को CPPCC की राष्ट्रीय समिति की स्थायी समिति ने झाओ को हटाने के लिए मतदान किया। इसके साथ उनकी CPPCC सदस्यता समाप्त कर दी गई और उन्हें जातीय एवं धार्मिक मामलों की समिति के उप-निदेशक पद से भी हटा दिया गया।
सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने इस फैसले की जानकारी दी, लेकिन झाओ को हटाने की कोई वजह नहीं बताई गई। चीन ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार या किसी अन्य मामले में जांच चल रही है।
चीनी सेना में जारी है बदलाव
झाओ के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीनी सेना में बड़े स्तर पर बदलाव और भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई जारी है। इससे पहले भी कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को उनके पदों से हटाया जा चुका है।
झाओ का राजनीतिक पदों से हटाया जाना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने भारत के साथ पिछले दशक के दो प्रमुख सीमा विवादों-डोकलाम और गलवान-के दौरान चीन की पश्चिमी सैन्य कमान संभाली थी।