'दशकों के असंतोष का परिणाम है POJK में विद्रोह', पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने अपनी ही सरकार को लताड़ा

    31-अगस्त-2026
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POJK Protest
  
Delhi :  दशकों से चले आ रहे शोषण और अत्याचार का परिणाम है POJK में विद्रोह. पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में सेना की बर्बरता के खिलाफ ये आवाज बाहर से नहीं, उसके अंदर से उठी है. ये आवाज है ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान (HRCP) की.
 
HRCP ने शनिवार को जारी एक रिपोर्ट में कहा कि PoJK में यह अशांति वर्षों से चली आ रही राजनीतिक और सामाजिक-आर्थिक शिकायतों, संस्थानों के प्रति अविश्वास और शासन की विफलताओं का परिणाम है. इतना ही नहीं, आयोग ने चेतावनी दी कि PoJK में सेना की हिंसक प्रतिक्रिया ने जनता और सरकार के बीच ध्रुवीकरण को और गहरा किया है. लोगों का सरकारी संस्थानों में विश्वास और कमजोर हुआ है.
 
पाकिस्तान के अपने मानवाधिकार संगठन ने जून से अब तक सामने आई मौतों और गंभीर रूप से घायल हुए लोगों के मामलों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की भी मांग की है. आयोग ने साफ किया कि वहां बल का इस्तेमाल कानूनी, आवश्यक और परिस्थितियों के अनुरूप नहीं था.
 
HRCP की यह रिपोर्ट PoJK में पाकिस्तानी की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाती है और उसे लोगों के मौलिक अधिकारों के सम्मान के साथ-साथ जवाबदेही, पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के निर्देश देती है.
 
बता दें कि जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में PoJK में पिछले तीन महीनों से अधिक समय से पाकिस्तान के अवैध कब्जे और दमन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन जारी है.
 
जम्मू कश्मीर नाऊ.