बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने देश की मौजूदा स्थिति को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए दावा किया है कि यदि हालात नहीं बदले तो भविष्य में वैश्विक आतंकवाद की अगली बड़ी चुनौती बांग्लादेश से उभर सकती है। नई दिल्ली में साउथ एशिया फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बांग्लादेश इस समय एक "नाकाम देश" की दिशा में बढ़ रहा है, जहां मानवाधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े हो चुके हैं।
जॉय ने कहा कि भारत को सबसे अधिक चिंता इस बात की होनी चाहिए कि उसकी पूर्वी सीमा पर स्थित बांग्लादेश "एक और पाकिस्तान" बनता जा रहा है। उनके अनुसार, यदि मौजूदा परिस्थितियों पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो इसका असर केवल भारत या बांग्लादेश तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया इसकी कीमत चुका सकती है। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में आतंकवादियों का अगला बड़ा समूह बांग्लादेश से निकल सकता है।
अपने संबोधन में जॉय ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना था कि ISI को अब बांग्लादेश में खुलेआम काम करने की छूट मिल गई है। उन्होंने दावा किया कि अवामी लीग सरकार के दौरान गिरफ्तार कर जेल भेजे गए सैकड़ों दोषी आतंकवादियों को रिहा कर दिया गया है।
जॉय ने यह भी आरोप लगाया कि प्रतिबंधित संगठन हिज्ब उत-तहरीर अब खुलेआम रैलियां आयोजित कर रहा है, जबकि अल-कायदा से जुड़े लोग सार्वजनिक सभाओं को संबोधित कर चुके हैं। उनके अनुसार, ये घटनाक्रम बांग्लादेश में बढ़ते कट्टरपंथ और आतंकवादी नेटवर्क की सक्रियता की ओर इशारा करते हैं।
सजीब वाजेद जॉय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेने की अपील की। उनका कहना था कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो दक्षिण एशिया की सुरक्षा के साथ-साथ वैश्विक शांति के सामने भी नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।