'टुकड़े-टुकड़े होगा पाकिस्तान', ISI तैयार कर रही नया नक्शा !

    01-सितंबर-2026
Total Views |
 
pakistan break down in 20 pices
 
नई दिल्ली: पांच प्रांतों से सीधा बीस, यानि की पाकिस्तान अब टुकड़े-टुकड़े होने की कगार पर है.
 
मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान का प्रशासनिक ढांचा पूरी तरह से बदलने वाला है. योजना है कि वहां पांच नहीं बल्कि 20 सूबे होंगे. सूत्रों की मानें तो ISI की देखरेख में इस योजना पर काम शुरु हो भी गया है.
 
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ISI के अफसरों को पाकिस्तान के मौजूदा प्रांतों के डिवीजन और डेमार्केशन पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं. डायरेक्टर जनरल ISI लेफ्टिनेंट जनरल आसिफ मलिक और DGC ISI मेजर जनरल फैसल नसीर इस पूरी प्रक्रिया को देख रहे हैं. सेक्टर कमांडरों को ये जिम्मेदारी दी गई है कि अपने-अपने प्रांतों के संभावित विभाजन पर एक फॉर्मल प्रपोजल तैयार करें.
 
मुनीर की इस योजना के मुताबिक
 
पंजाब को पांच भागों में
नॉर्थ पंजाब, सेंट्रल पंजाब, साउथ पंजाब, पोठोहार और बहावलपुर
 
सिंध को भी पांच भागों में
कराची, हैदराबाद, मीरपुरखास, सुक्कुर और लरकाना
 
बलूचिस्तान को चार भागों में
क्वेटा, मकरान, झोब और कलात
 
खैबर पख्तूनख्वा को भी चार भागों में
पेशावर, हजारा, मालाकंड और डेरा इस्माइल खान
 
बांटा जाएगा. इन 20 नए प्रांतों को 20 सेक्टर कमांडरों के जरिए चलाया जाएगा. मुख्यमंत्री सिर्फ नाम के होंगे. और GHQ ने इसके लिए 28वें संविधान संशोधन की तैयारी शुरु कर दी हैं. जिसके जरिये-
 
- मौजूदा संसदीय प्रणाली को समाप्त कर दिया जाएगा
- राष्ट्रपति शासन प्रणाली लागू की जाएगी
- राष्ट्रपति सीधे चुनाव या जनमत संग्रह के जरिए चुना जाएगा
- मुख्य कार्यकारी शक्ति प्रधानमंत्री के बजाय सीधे राष्ट्रपति के पास होंगी
- नए प्रांत बनाने के लिए प्रांतीय विधानसभाओं की मंजूरी की जरूरत नहीं होगी
- प्रांतों को मिलने वाला वित्तीय फंड कम कर दिया जाएगा
- टैक्स का बड़ा हिस्सा केंद्र यानि सेना के पास आएगा
- वोटिंग की न्यूनतम आयु 18 वर्ष से बढ़ाकर 25 वर्ष करने का प्रस्ताव
- कराची और ग्वादर पोर्ट को केंद्र यानि सेना खुद चलाएगी
 
खबरों के मुताबिक मुनीर ये सब राष्ट्रपति बनने के लिए कर रहा है. अभी तक पाकिस्तान में सेना प्रमुखों को राष्ट्रपति बनने के लिए जबरन मार्शल लॉ यानि तख्तापलट करना पड़ता था. लेकिन इसके जरिये मुनीर सीधे राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठ सकता है.
 
इस संविधान संशोधन के तहत एक विशेष प्रावधान लाने की तैयारी है, जिसके जरिए मुनीर सेना की वर्दी उतारे बिना एक साथ तीन सबसे बड़े पद संभाल सकेगा. वो हैं
 
-राष्ट्रपति
-चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF)
-थल सेना प्रमुख (COAS)
 
मुनीर नवंबर 2025 में 27वां संशोधन और अगस्त 2026 में डिफेंस फोर्सेज एक्ट पास कराकर पहले ही खुद को नवंबर 2030 तक देश का सबसे शक्तिशाली सैन्य कमांडर बना चुका है. जिसके हाथ में परमाणु हथियारों का कंट्रोल है. अब 28वां संशोधन करके वो पूरी सत्ता पर कब्जा कर लेने की तैयारी में है.और इस बार उसे शहबाज और जरदारी जैसे मोहरों के पीछे छिपने की जरूरत नहीं होगी.
 
सूत्रों की मानें तो इसके लिए उसने अमेरिका से हरी झंडी ले ली है. लेकिन पाकिस्तान के अंदर से ही मुनीर के सामने चुनौती कम नहीं हैं. बलूचिस्तान अलग होने की घोषणा कर चुका है. PoJK में लोग पिछले तीन महीनों से पाकिस्तान के खिलाफ सड़कों पर हैं. खैबर पख्तूनख्वा के लोग विद्रोह कर रहे हैं. सिंध में पीपल्स पार्टी की सरकार है और खुद बिलावल भुट्टो मुनीर की इस योजना की खिलाफत कर चुके हैं. और सबसे बड़ी चुनौती इमरान खान, सूत्रों की मानें तो जेल में बंद इमरान ने मुनीर से समझौता करने से इंकार कर दिया है..
 
अब इतनी सारी चुनौती और एक शख्स का 'कानूनी तानाशाह' बनने का सपना... देखना होगा कि इस अँदरूनी जंग के बीच पाकिस्तानी आवाम को और कितने बुरे दिन देखने बाकी हैं. जम्मू-कश्मीर नाऊ.