CHRONOLOGY: TikaLalTaploo की हत्या, KashmiriHindus की पहली टारगेटेड किलिंग

    16-सितंबर-2026
Total Views |
 
 
 
19 जनवरी 1990 की रात, कश्मीर में मस्जिदों से पाकिस्तान जिंदाबाद और हिंदुओं के खिलाफ नारे गूंज रहे थे. मुसलमानों की भारी भीड़ सड़क पर उतर चुकी थी. हर तरफ पोस्टर चस्पा थे, जिन पर लिखा था- या तो इस्लाम कबूल करो या फिर घर और महिलाओं को छोड़ कर चले जाओ...
ये जम्मू-कश्मीर के इतिहास की सबसे काली रात थी. करीब पांच लाख कश्मीरी हिंदुओं को अपना सब कुछ छोड़कर पलायन करना पड़ा..
लेकिन ये केवल एक रात की कहानी नहीं थी, इसकी स्क्रिप्ट कई सालों से लिखी जा रही थी. जिसमें सबसे बड़ा मोड़ आया करीब चार महीने पहले, एक हत्या से.. कश्मीर की सबसे बड़ी टारगेटेड किलिंग से...
जम्मू कश्मीर नाऊ की सीरीज क्रोनोलोजी के इस एपिसोड में बीजेपी नेता और कश्मीरी हिंदू टीकालाल टपलू की हत्या की कहानी...
14 सितंबर 1989 की सुबह, श्रीनगर के हब्बा कदल इलाके का चिंकराल मोहल्ला , 58 साल का एक शख्स घर से निकलता है. काला कोट, हाथ में कुछ फाइल्स. लेकिन इससे पहले कि वो तंग गलियों से होकर बाहर खुली सड़क पर निकलता, एक मोड पर घात लगाकर बैठे JKLF के तीन नकाबपोश आतंकी अचानक उन्हें घेर लेते हैं. तीनों के हाथ में AK- 47 राइफल थी, आतंकी ताबड़तोड़ फायरिंग शुरु कर देते हैं. गोलियों से छलनी शख्स वहीं ढेर हो जाता है.
हब्बा कदल की उस गली में वो जो लाश पड़ी थी...वो थी टीकालाल टपलू की..