हमले में क्षतिग्रस्त हुए वाहन की तस्वीर
खैबर पख्तूनख्वा के कुर्रम जिले में पाकिस्तानी सेना के 113 विंग के सैन्य काफिले पर घातक हमला हुआ है। हमले में 12 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं जबकि 7 जवान घायल बताये जा रहे हैं।
हमले की जिम्मेदारी तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने ली है। संगठन के मुताबिक, उसके लड़ाकों ने पहले IED के जरिए सैन्य काफिले को निशाना बनाया और इसके बाद भागने की कोशिश कर रहे सैनिकों पर गोलीबारी की।
TTP ने हमले के बाद क्षतिग्रस्त सैन्य वाहनों की तस्वीरें और मारे गए सैनिकों के शवों से जुड़े वीडियो भी जारी किए हैं। तस्वीरों में साफ़ देखा जा सकता है कि किस कदर सेना के वहां के परखच्चे उड़ चुके हैं।
कुर्रम बना मुनीर सेना का कब्रगाह
यह कुर्रम में पाकिस्तानी सेना के लिए कोई पहला बड़ा झटका नहीं है। अफगान सीमा से लगा यह इलाका लंबे समय से TTP और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष का मैदान बना हुआ है।
- 24 जुलाई 2026: KPK के टैंक इलाके में 12 फौजी मारे
- 17 सितंबर 2026: कुर्रम में 6 से अधिक फौजी मारे
- 17 फरवरी 2025: कुर्रम में चार फौजी मारे
- 12 जून 2025 : 2 जवान मारे गए
- 24 जून 2025 : 5 सैनिक मारे
- 29 अक्टूबर 2025: कुर्रम में 6 सैनिक मारे
- 9 दिसंबर 2025 : कुर्रम में 6 सैनिक मारे
आतंक की आग में झुलसता पाकिस्तान
Global Terrorism Index की रिपोर्टों में भी पाकिस्तान में बढ़ती आतंकी हिंसा दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2025-26 में पाकिस्तान में आतंकवाद से अब तक 1,139 लोगों की मौत हुई।
पाकिस्तान के सामने कई मोर्चे
आज पाकिस्तान के सामने चुनौती सिर्फ TTP तक सीमित नहीं है। KPK में TTP, बलूचिस्तान में BLA और दूसरी ओर IS-K जैसे संगठन पाकिस्तान फ़ौज के लिए नासूर बनें हुए हैं।
बीते 4 सप्ताह में BLA अलग-अलग हमलों में 45 पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया है। हाल ही में 4 सितंबर को BLA ने जियारत क्रॉस और सुराब के हाजिका इलाके में दो बड़े हमलों को अंजाम दिया जिसमें पाकिस्तानी सेना के 25 जवान मारे गए।
पाकिस्तान आज जिस कदर आंतरिक कलह से जूझ रहा है ऐसे में यही सबसे बड़ा सवाल है जिस इलाके को पाकिस्तान दशकों से अपनी सैन्य ताकत के दम पर नियंत्रित करने का दावा करता रहा, आखिर वहीं उसकी सेना बार-बार क्यों निशाना बन रही है?'