PM मोदी ने लूट ली SCO की महफिल, शर्म से मुंह छिपाता नजर आया शहबाज शरीफ, वैश्विक मंच पर फिर दिखी पाकिस्तान की नाकाम विदेश नीति

    02-सितंबर-2026
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Shehbaz Sharif SCO Summit
 SCO समिट के दौरान एक तरफ PM मोदी की लोकप्रियता दूसरी तरफ शहबाज की बेबसी 
 
Written By : Ujjawal Mishra
 
Delhi : फोटो से मोदी को क्रॉप किया, पुतिन के पीछे भागे, आतंकवाद पर खुद को पीड़ित बताया और सिंधु जल के लिए गिड़गिड़ाए, बिश्केक में पाकिस्तान की कूटनीति का एक ही चेहरा दिखा, और वो है बेबस, लाचारी और शर्मिंदगी से भरा हुआ!
दरअसल, किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में 31 अगस्त और 1 सितंबर को 26वां शंघाई सहयोग संगठन यानी SCO शिखर सम्मेलन हुआ। दुनिया के बड़े नेता एक मंच पर थे। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत SCO के शीर्ष नेता वहां मौजूद थे। इस पूरे जमावड़े में जहां एक तरफ PM मोदी केंद्र बिंदु बनें रहें जबकि वहीं दूसरी तरफ अगर किसी की बेबसी और लाचारी सबसे ज्यादा दिखाई दी तो वह था पाकिस्तान का प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ।
 
 
 
PM मोदी की फोटो क्रॉप की
 
SCO नेताओं की आधिकारिक ग्रुप फोटो सामने आई तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने तस्वीर को क्रॉप्ड कर के पोस्ट किया, जिसमें PM मोदी, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और कुछ अन्य नेता तस्वीर से बाहर हो गए। क्रॉप की गई तस्वीर में शहबाज शरीफ अपेक्षाकृत ज्यादा प्रमुख नजर आ रहे थे।
 
लेकिन समस्या यह थी कि दुनिया के पास मूल तस्वीर भी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने पूरी ग्रुप फोटो साझा की, जिसमें साफ दिखाई दिया कि असली तस्वीर में कौन कहां खड़ा था। विवाद बढ़ने के बाद शहबाज शरीफ के अकाउंट से पूरी तस्वीर भी पोस्ट कर दी गई। पाकिस्तान अपनी इस शर्मनाक करतूत के कारण पूरी दुनिया में हंसी का पात्र बना।
 
 
 
पुतिन ने शहबाज को किया नजरंदाज़
 
SCO समिट के दौरान PM मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बातचीत और मुलाकातों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। मोदी और पुतिन की मुलाकात भी हुई और मोदी-शी-पुतिन की अनौपचारिक बातचीत की तस्वीरें भी सामने आईं।
 
इसी बीच ग्रुप फोटो के बाद शहबाज शरीफ पुतिन की ओर तेजी से बढ़ते हुए जबरदस्ती उनसे हाथ मिलाते दिखे लेकिन कुछ क्षण में पुतिन फिर आगे बढ़ गए। यहाँ भी शहबाज की हताशा और निराशा साफ़ झलक रही थी।
 
 
आतंकवाद पर पीड़ित बनने की कोशिश
 
SCO समिट के दौरान सबसे दिलचस्प नजारा तब देखने को मिला जब आतंकवाद का सबसे सुरक्षित और सबसे बड़ा पनाहगार पाकिस्तान दुनिया के सामने ही खुद को आतंकवाद पीड़ित बताने लगा। यह जगजाहिर है कि सभी UN द्वारा प्रतिबंधित आतंकी पाकिस्तान में ISI और पाकिस्तानी फ़ौज के संरक्षण में फलते-फूलते हैं, लेकिन आतंकवाद के मुद्दे पर खुद को घिरता देख शहबाज ने पाकिस्तान को आतंकवाद का पीड़ित बता दिया। शहबाज ने कहा कि पाकिस्तान ने आतंकवाद से लड़ाई में भारी कीमत चुकाई है। आतंकवाद के कारण पाकिस्तान को हजारों करोड़ का नुकसान झेलना पड़ता है। यानि विडंबना देखिये कि जो पाकिस्तान खुद आतंकवाद का इस्तेमाल पडोसी देशों में अस्थिरता पैदा करने के लिए करता है वो खुद को आतंकवाद पीड़ित बताता है।
 
 
मक्का पैक्ट पर PM मोदी के सामने सफाई
 
SCO समिट में जब PM मोदी भी मौजूद थे, तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ दुनिया को ये बताने में लग गए थे कि हाल ही में हुआ ‘मक्का पैक्ट’ किसी के खिलाफ नहीं है। यानि कहीं न कहीं इससे यह जाहिर होता है कि शहबाज शरीफ अभी तक ऑपरेशन सिंदूर की मार भूल नहीं पाए हैं।
 
 
IWT पर भी शहबाज की आवाज में बदल गया सुर
 
इसके बाद फिर सामने आया पानी का मुद्दा। भारत ने अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का फैसला किया था। पकिस्तान लगातार दुनिया भर से भारत पर IWT को पुनः बहाल करने के लिए दबाव बनाने के प्रयास में जुटा है।
 
कई दफा तो पाकिस्तानी हुक्मरान भारत को पानी के लिए खून की नदियाँ बहाने की गीदड़भभकी भी दे चुके हैं, लेकिन SCO के मंच से शहबाज पानी के लिए मिन्नते करते नजर आए।
 
शहबाज शरीफ ने पानी को क्षेत्र की “lifeblood” बताते हुए कहा कि पानी को हथियार या राजनीतिक दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और साझा जल से जुड़ी संधियों का सम्मान किया जाना चाहिए।
 
 
आतंकवाद के मुद्दे पर मुंह छिपाते शहबाज शरीफ
 
शहबाज शरीफ को असली झटका फोटो में नहीं, आतंकवाद के मुद्दे पर लगा। प्रधानमंत्री मोदी ने SCO मंच से पहलगाम हमले का जिक्र किया और आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने की बात कही। उन्होंने साफ कहा कि आतंकवाद को नीति के औजार के रूप में इस्तेमाल करने वाले और आतंकवादियों को पनाह व समर्थन देने वाले देशों को स्पष्ट संदेश दिया जाना चाहिए कि आतंकवाद किसी के लिए रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता।
 
उन्होंने आतंक की फंडिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित ठिकानों को खत्म करने की जरूरत बताई और कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर दोहरे मापदंड की कोई जगह नहीं हो सकती। यह बयान शहबाज शरीफ समेत SCO नेताओं की मौजूदगी में आया।
 
प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान का नाम नहीं लिया। लेकिन नाम लेने की जरूरत भी नहीं थी। जिसे संदेश समझना था, वह वहीं बैठा था। और शायद यही इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश था। PM मोदी ने जैसे ही पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र किया तब शहबाज शरीफ अपना मुंह छिपाते नजर आए।
 
निष्कर्ष
 
पाकिस्तान शायद यह भूल गया कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति फोटोशॉप से नहीं चलती। किसी नेता को तस्वीर से क्रॉप किया जा सकता है, लेकिन उसकी वैश्विक भूमिका को नहीं। वैश्विक मंच से खुद को आतंकवाद पीड़ित बताकर कहानी बदली जा सकती है, लेकिन आतंकवाद और सीमा पार हिंसा को लेकर जो सच्चाई पहले से ही दुनिया के सामने है उससे बचा नहीं जा सकता। SCO के मंच से पाकिस्तान की ऐसी भद्द पिटी कि पाकिस्तानी PM शहबाज शर्म से मुंह छिपाते फिरते नजर आए। ये शर्मनाक स्थिति ना सिर्फ पाकिस्तानी पीएम की थी, बल्कि पाकिस्तान के विफल विदेश नीति का स्पष्ट उदाहरण था।