नई दिल्ली : ऑपरेशन सिंदूर को एक साल से ज्यादा वक्त गुजर चुका है, लेकिन पाकिस्तान अभी तक उस मार को भूल नहीं पाया है। यही कारण है कि पाई-जान एक बार फिर फर्जी लाहौरी चूरन बेचने पर आमदा हो चुके हैं। भारतीय सेना की मार के जवाब में तो पाकिस्तान कुछ कर नहीं पाया तो लगातार एनिमेशन, ग्राफिक्स और सोशल मीडिया के वीडियो के जरिये अपनी नाकामी को काबिलियत बता कर पेश करने पर तुला है।
पाकिस्तान का फर्जी दावा
दरअसल, 6 सितंबर को पाकिस्तान एयर फोर्स ने एयर फोर्स डे के मौके पर ‘फिज़ाओं के पासबां’ नाम से एक फर्जी वीडियो जारी किया। गाने का अर्थ है कि फलक में इनकी धाक है.....वीडियो के जरिये पाकिस्तानी वायुसेना ने यह दिखाने की कोशिश की कि ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान उसने भारत को भारी नुकसान पहुँचाया।
वीडियो में दावा किया कि -
- पाकिस्तान ने भारत के 32 एयरबेस को निशाना बनाया...
- दो S-400 सिस्टम तबाह किए..
- भारतीय सैन्य सैटेलाइट जाम किए
- राष्ट्रीय पावर ग्रिड को प्रभावित किया..
- फ्यूल सप्लाई चेन को बाधित किया और भारतीय सैन्य दस्तावेज तक हासिल कर लिए
- वीडियो में भारत के नक्शे पर धमाकों के निशान दिखाए गए हैं।
- स्क्रीन पर लिखा आता है- “32 IAF BASES HIT.”
लेकिन असली सवाल वहीं खड़ा है-हमले हुए तो तस्वीर कहाँ है ? यानी पाकिस्तान की कहानी में पाईजान DGISPR ने लगभग सब कुछ दिखा दिया - नहीं दिखाया तो बस वो सीन जो 6-7 मई की आधी रात पाकिस्तानी अवाम ने खुद दुनिया को दिखाया। खैर कोई नहीं वो सारे सबूत पाकिस्तान को हम दिखा देते हैं।
नूर खान एयर बेस पर तबाही का मंजर पहले और बाद
ऑपरेशन सिन्दूर की हकीकत
ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान भारत की ओर से पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों की satellite imagery और अन्य विजुअल सामने आए। भारतीय सेना ने बाकायदा Commercial satellite imagery में Nur Khan, Murid, Sargodha, Bholari, Jacobabad, Sukkur और Rahim Yar Khan जैसे ठिकानों पर तबाही के मंजर दिखाए।
पूरी दुनिया ने देखा कि भारत के ब्रह्मोस मिसाइल ने किस तरह से पाकिस्तान के भीतर तबाही मचा दी। Maxar की पहले और बाद की तस्वीरों में साफ़ तौर पर कई स्थानों पर रनवे, इमारतों और अन्य सैन्य ढांचे को नुकसान दिखाई दिया।
भारतीय सेना द्वारा निशाना बनाए गए टारगेट्स 
मुरीदके में तबाह लश्कर का ठिकाना
मिट्टी में मिला आतंक का ठिकाना
इतना ही नहीं मुरीद के में लश्कर ए तैयबा का मरकज हो या बहावलपुर में जैश के मुख्यालय पर भारतीय वायुसेना का हमला, खुद पाकिस्तान की अवाम सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर सबूत देती नजर आई। जिस वक्त भारतीय सेना पाकिस्तान में मौत का तांडव मचा रही थी उस वक्त पाकिस्तान में पाई-जान या अल्लाह, या अल्लाह चिल्लाते हुए रहम की भीख मागते नजर आ रहे थे।
यानी भारत की कहानी सिर्फ यह नहीं थी कि “हमने मार दिया।” भारत के पास यह दिखाने के लिए तस्वीरें थीं कि कहां मारा, क्या नुकसान हुआ और तबाही का वह मंजर कैसा दिखाई देता है। और यही अंतर पाकिस्तान के उन सभी फर्जी दावों की पोल खोलता है।
'26 बेस' से '32 बेस' तक...
पाकिस्तान के दावों में एक और दिलचस्प बात है-आंकड़े बढ़ते जा रहे हैं। कल तक कहानी कुछ और गढ़ी जा रही थी, कभी 18 बेस को नुकसान पहुंचाने की बात आई तो कभी 26 तो अब 32 एयरबेस हो गए। सैटेलाइट जाम करने का दावा भी कहानी में जुड़ गया। यानि पाकिस्तान अपने दावों की पोल खुद के द्वारा दिए जा रहे मनमाने आंकड़ों से खोल दे रहा है। अर्थात पाकिस्तान फेक नैरेटिव गढ़ने में तो माहिर है लेकिन आंकड़ों वाला ज्ञान मदरसे में नहीं पढाया गया।
आज Satellite imagery, Commercial intelligence, Open-source analysis और independent verification के जमाने में अगर पाकिस्तान कहता है कि उसने 32 भारतीय एयरबेस तबाह कर दिए, दो S-400 उड़ा दिए और सैन्य सैटेलाइट जाम कर दिए, तो दुनिया स्वाभाविक रूप से पूछेगी-
“ठीक है पाईजान... तस्वीर दिखाओ!”
लेकिन तस्वीर की जगह अगर फिर वही एनिमेशन, धमाके और चमकते हुए ग्राफिक्स मिलें, तो दुनिया आसानी से इस तथाकथित सैन्य उपलब्धि फेक प्रोपोगेंडा ही स्वीकार कर लेगी। क्योंकि कहते हैं न कि प्रतक्ष को प्रमाण की जरुरत नहीं पड़ती।
पंजाब के आदमपुर एयरबेस पर PM मोदी और पीछे सुरक्षित मौजूद भारत का सुदर्शन चक्र S-400
जब पाकिस्तान का झूठ हुआ था EXPOSE
पाकिस्तान ऑपरेशन सिन्दूर के बाद जिस तरह से यह दावा किया कि उसने पठानकोट, जम्मू, श्रीनगर समेत कई भारतीय एयर बेस को निशाना बनाया भारत ने सबूत के साथ दुनिया के सामने पाकिस्तान के झूठ को Expose किया। इतना ही नहीं पाकिस्तान का सबसे बड़ा दावा S400 को निशाना बनाने का था। तब खुदऑपरेशन सिन्दूर के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब के आदमपुर एयरबेस पहुंचे थे, जहां उनके पीछे S-400 एयर डिफेंस सिस्टम तैनात था। जो चीख चीख कर पाकिस्तान के झूठे दावे की पोल खोल रहा रहा था।
मुनीर सेना का कब्रगाह बनाता बलूचिस्तान
पाकिस्तानी सेना और हुक्मरानों को इस बात पर शर्म आनी चाहिए कि बलूचिस्तान और खैबर पख्तूख्वा में आय दिन पाकिस्तानी फौजियों को मारा जा रहा है। ताबूत में भर के लाशे पाकिस्तान लाई जा रहीं हैं। लेकिन DGISPR अपनी इन नाकामियों पर ध्यान देने से ज्यादा फर्जी और सस्ती वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में फेक नैरेटिव बनाने में जुटा है।
ज़ियारत क्रॉस और सुराब जिले के हाजिका इलाके में BLA ने 25 पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया। ताबूत में रखे फौजियों के शव को पूरी दुनिया ने देखा। यानी खुद को परमाणु संपन्न राष्ट्र का दम भरने वाले पाकिस्तान के पास इतना भी पैसा नहीं है कि अपने जवानों को सुरक्षा प्रदान करें या बुलेट प्रूफ जैकेट दे सके। लेकिन करोड़ों रूपये लगाकर सस्ते गाने बनाकर फर्जी दावे करने का पैसा है।
शहबाज को चीनी सेना के युद्धाभ्यास वाली फर्जी फोटो फ्रेम भेंट करता मुनीर
निष्कर्ष
पाकिस्तान कि फेक नैरेटिव वाली कहानी बहुत पुरानी हो चुकी है। सबसे बड़ा झूठ तो पाकिस्तान का तभी पकड़ा गया था जब युद्ध रुकने के बाद पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर PM शहबाज शरीफ को चीनी सेना के युद्धाभ्यास वाली एक फर्जी फोटो फ्रेम भेंट कर रहा था। भारत ने इस फर्जी दावे को उसी वक्त सामने ला दिया था।
बहरहाल पाकिस्तान चाहे जितना ऑपरेशन सिन्दूर पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर ले यह बात उसे भी मालूम है कि भारत से पीटने का दर्द कितना असरदार और उसका जख्म कितना गहरा हो सकता है। हाल ही में उसी जख्म पर ISI ने मरहम लगाने का भी काम किया था। बहावलपुर में स्थित जैश ए मोहम्मद के मुख्यालय को सरकारी फंड से फिर से तैयार कर के। ऑपरेशन सिन्दूर में पूरी तरह से तबाह हो चुके आतंक के इस ठिकाने को पाकिस्तान IMF से मिले भीख के पैसे से फिर से तैयार करने में लगा। बहरहाल, युद्ध खत्म हो गया, लेकिन लाहौरी चूरन की सप्लाई अभी जारी है...